7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

दिगम्बर मुनि की आहार चर्या अलौकिक

भीलवाडा. दिगम्बर मुनि आदित्य सागर महाराज ने बुधवार को धर्मसभा में कहा कि पूरे विश्व में दिगम्बर मुनि की आहार चर्या सबसे भिन्न एवं अलौकिक है। मुनि आहार चर्या के लिए कुछ नियम लेकर मुद्रा बना श्रावक के घर जाते हैं।

less than 1 minute read
Google source verification
दिगम्बर मुनि की आहार चर्या अलौकिक

दिगम्बर मुनि की आहार चर्या अलौकिक

भीलवाडा. दिगम्बर मुनि आदित्य सागर महाराज ने बुधवार को धर्मसभा में कहा कि पूरे विश्व में दिगम्बर मुनि की आहार चर्या सबसे भिन्न एवं अलौकिक है। मुनि आहार चर्या के लिए कुछ नियम लेकर मुद्रा बना श्रावक के घर जाते हैं।

पूरे जीवन पर्यन्त मुनि दिन में केवल एक बार ही आहार लेते है एवं उसी समय जल ग्रहण करते है। वे स्वाद के लिए भोजन नहीं करते। धर्म पालन के लिए शरीर चलाने के उद्देश्य से उदरपूर्ति करते हैं। मुनि ने बताया कि श्रावकों को मन, वचन, काय की शुदि्ध से आहार देना चाहिए। श्रावक के चौके में मुनि के आगमन से पूर्व भोजन बना हो, उसके बाद कोई क्रिया नहीं की जाए।

मुनि अप्रमित सागर ने बताया कि परिवार भले ही एक क्यों न हो, परन्तु सबका भाग्य अलग-अलग होता है। कोई किसी का भाग्य चुरा नही सकता, न ही अपना भाग्य दूसरों को दे सकता। इसी कारण सुखी परिवार में भी कोई परिवारजन किसी न किसी कारण से दुखी मिलता है। जब भी आपका पूर्व का दुर्भाग्य उदय में आएगा तो दुख आएगा ही। इसलिए भविष्य में सुख के लिए अपने आचरण में सुधार करे।