
Diwali .... different kinds of candles and lamps will glitter festival
भीलवाड़ा।
दीयों के बिना दीपावली की उजास फीकी रहती है। घर की चौखट पर दीयों का उजास न हो तो शायद लक्ष्मीजी भी उस चौखट पर पैर नहीं रखती। इसलिए दीयों का होना जरूरी है। अब पहले वाला जमाना नहीं रहा। एेसे में दीये भी साधारण नहीं रहे। मार्केट में पारम्परिक के साथ ही डिजाइनर दीये उपलब्ध हैं। इनमें प्लास्टिक से लेकर मिट्टी तक सभी तरह के दीये मिल जाएंगे। मोमबत्तियां भी रंगीन रोशनी देती दिखाई देंगी। आजाद चौक मार्केट, नागौरी गार्डन, माणिक्य नगर रोड सहित अन्य स्थानों पर डिजाइनर दीये उपलब्ध हैं। इनमें मिट्टी, प्लास्टिक व मोम के दीयों में कई तरह के आकर्षक डिजाइन हैं। मिट्टी के दीयों में फूलों के शेप से लेकर स्क्वायर, गोल, ट्राइंगल, स्टार शेप आदि आकर्षित करते हैं। अशोक तोषनीवाल ने बताया कि जैल व मोम तथा मिट्टी के दीये चलन में हैं।
लाजवाब मोमबत्तियां
दीयों के साथ ही दीपावली को मोमबत्तियां भी जगमग करती हैं। इनमें कई डिजाइन हैं। दुकानदारों के अनुसार कुछ मोमबत्तियां ऐसी भी हैं जिन्हें घर के अंदर सुंदर तरीके से सजाया जा सकता है। इनमें गुलाब के फूल, वैक्स मोमबत्तियों के अलावा लोगों को जैल मोमबत्तियां ज्यादा लुभा रही हैं। जैल मोमबत्तियां कांच के ग्लास में होती हैं, जो शो पीस का काम भी करती हैं।
रंगीन रोशनी
दीपावली घर कलरफुल रोशनी में नहाने वाला है। बाजार मार्केट में रंग-बिरंगी लाइटें हैं। रेड, ग्रीन, ब्लू, यलो, पिंक, पर्पल आदि लाइटें मनचाहे दामों में उपलब्ध हैं। दुकानदारों का कहना है कि तरह-तरह के डिजाइन में घर-ऑफिस सजाने के लिए ये लाइटें खूब पसंद की जाती हैं।
हर रूम में हो डिफरेंट रोशनी
मेट्रो सिटीज कल्चर की तर्ज पर वस्त्रनगरी के लोग हर रूम में अलग रोशनी पसंद करने लगे हैं। शाम की सब्जी मण्डी स्थित एक व्यापारी ने बताया कि आजकल युवाओं को दुकानों, मकानों व हर कमरे के लिए तथा ड्रॉइंग रूम, डाइनिंग रूम, किचन, स्टडीरूम, चाइल्डरूम, पूजा रूम सबमें अलग रोशनी चाहिए। डिजाइनर बल्ब भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। महावीर मोहल्ला निवासी रमेशकुमार तोषनीवाल ने बताया कि इस बार बाजार में विभिन्न प्रकार की सजवाटी रोशनी आई है।
Published on:
28 Oct 2018 02:11 am
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