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राजस्व मंत्री के गृह क्षेत्र में तय दर से आठ गुना रॉयल्टी वसूली

भीलवाड़ा. राजस्व मंत्री रामलाल जाट के क्षेत्र में पहले चुनाई पत्थर के अवैध खनन को लेकर वसूली सामने आई थी, अब बजरी के खनन में सरकार को लाखों का राजस्व नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है।
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

•

Updated: 12 Apr 2023, 10:42 AM IST

राजस्व मंत्री के गृह क्षेत्र में तय दर से आठ गुना रॉयल्टी वसूली

राजस्व मंत्री के गृह क्षेत्र में तय दर से आठ गुना रॉयल्टी वसूली

भीलवाड़ा. राजस्व मंत्री रामलाल जाट के क्षेत्र में पहले चुनाई पत्थर के अवैध खनन को लेकर वसूली सामने आई थी, अब बजरी के खनन में सरकार को लाखों का राजस्व नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। सबकुुछ खुलेआम आम हो रहा है, लेकिन अफसरों की चुप्पी कई सवाल खडे़ कर रही हैं।


जिले में हमीरगढ़, मंगरोप, बडलियास नदी क्षेत्र से निकली बजरी में रॉयल्टी व रवन्ना का बड़ा खेल जारी है। सरकार से तय दर से आठ गुना अधिक रॉयल्टी वसूली जा रही है। इसका बड़ा हिस्सा सीधे रॉयल्टी ठेकेदार की जेब में जा रहा है। रॉयल्टी की रसीद के बजाय फर्जी देकर सरकारी खजाने को प्रतिदिन लाखों रुपए के राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। राजस्व मंत्री रामलाल जाट के गृह क्षेत्र में रवन्ना व रॉयल्टी के खेल में अफसरोें की चुप्पी भी चौंकाने वाली है। माना जा रहा है कि इस खेल में सियासत से जुड़े लोग शामिल हैं। इधर, मनमाने ढ़ंग से रॉयल्टी वसूली रोकने की मांग लेकर कृष्णा बजरी ट्रक ट्रेलर ऑपरेटर यूनियन की हड़ताल पांचवें दिन में प्रवेश कर गई।

यूनियन अध्यक्ष कालूराम अहीर ने बताया कि हमीरगढ़ क्षेत्र में लीज संजयकुमार गर्ग के नाम पर है। वैध की आड में अवैध खनन किया जा रहा है। दस चक्के वाहन में 18 टन बजरी ले जाने की इजाजत है लेकिन 30 टन बजरी ले जाई जा रही है। हालांकि रॉयल्टी की रसीद 18 टन की काटी जा रही है। शेष 12 टन की रॉयल्टी राशि सीधे ठेकेदार की जेब में जा रही है। ओवरलोड वाहनों की जानकारी परिवहन व खान विभाग को भी है लेकिन कार्रवाई से बच रहे हैं।
जीएसटी की भी चोरी

अहीर ने आरोप लगाया कि रॉयल्टी के साथ एक प्रतिशत जीएसटी की भी चोरी की जा रही है। वाहन चालकों से तय वजन से अधिक की रॉयल्टी, प्रीमियम राशि नकद ली जाती है। इसका कोई हिसाब नहीं होता है। वाहन मालिक या चालक ऑनलाइन नुगतान कर पक्का बिल मांगता है तो उसे डराया-धमकाया जाता है।
रवन्ना की हो जांच

यूनियन ओवरलोड बजरी वाहनों के जारी रवन्ना की उच्च स्तरीय जांचकर कठोर कार्रवाई की मांग की। गड़बड़ी पाए जाने पर खनन पट्टा निरस्त करने की मांग की। अहीर ने बताया कि कोटड़ी की लीज पहले से बंद है। बडलियास में काम 7 अप्रेल से बंद हो गया। फिर भी लीजधारक स्टॉक बताकर बजरी का परिवहन कर रहे हैं।
ट्रैक्टर ट्रॉली को दे रहे लाल पर्ची

हमीरगढ़, मंगरोप व अन्य स्थानों से बजरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों के माध्यम से लाई-ले जाई जा रही है। नियम के अनुसार, ट्रैक्टर बजरी परिवहन नहीं कर सकता। ट्रैक्टर को रॉयल्टी की रसीद न देकर लाल पर्ची दी जा रही है। यह राशि लीजधारक की जेब में जा रही है। प्रति ट्रैक्टर ट्रॉली पर रॉयल्टी के नाम पर 350 से 400 रुपए प्रतिटन लिए जा रहे हैं जबकि सरकार ने रॉयल्टी दर 55 रुपए प्रति टन तय किए हैं। बजरी से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली मध्यप्रदेश तक जा रहे हैं।
इनका कहना है-

बजरी की रॉयल्टी राशि अधिक वसूलने का ज्ञापन मिला है। इसकी हम जांच करवा रहे हैं।
-जिनेश हुमड़, खनिज अभियन्ता, भीलवाड़ा


भीलवाड़ा. राजस्व मंत्री रामलाल जाट के क्षेत्र में पहले चुनाई पत्थर के अवैध खनन को लेकर वसूली सामने आई थी, अब बजरी के खनन में सरकार को लाखों का राजस्व नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। सबकुुछ खुलेआम आम हो रहा है, लेकिन अफसरों की चुप्पी कई सवाल खडे़ कर रही हैं।
जिले में हमीरगढ़, मंगरोप, बडलियास नदी क्षेत्र से निकली बजरी में रॉयल्टी व रवन्ना का बड़ा खेल जारी है। सरकार से तय दर से आठ गुना अधिक रॉयल्टी वसूली जा रही है। इसका बड़ा हिस्सा सीधे रॉयल्टी ठेकेदार की जेब में जा रहा है। रॉयल्टी की रसीद के बजाय फर्जी देकर सरकारी खजाने को प्रतिदिन लाखों रुपए के राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। राजस्व मंत्री रामलाल जाट के गृह क्षेत्र में रवन्ना व रॉयल्टी के खेल में अफसरोें की चुप्पी भी चौंकाने वाली है। माना जा रहा है कि इस खेल में सियासत से जुड़े लोग शामिल हैं। इधर, मनमाने ढ़ंग से रॉयल्टी वसूली रोकने की मांग लेकर कृष्णा बजरी ट्रक ट्रेलर ऑपरेटर यूनियन की हड़ताल पांचवें दिन में प्रवेश कर गई।

यूनियन अध्यक्ष कालूराम अहीर ने बताया कि हमीरगढ़ क्षेत्र में लीज संजयकुमार गर्ग के नाम पर है। वैध की आड में अवैध खनन किया जा रहा है। दस चक्के वाहन में 18 टन बजरी ले जाने की इजाजत है लेकिन 30 टन बजरी ले जाई जा रही है। हालांकि रॉयल्टी की रसीद 18 टन की काटी जा रही है। शेष 12 टन की रॉयल्टी राशि सीधे ठेकेदार की जेब में जा रही है। ओवरलोड वाहनों की जानकारी परिवहन व खान विभाग को भी है लेकिन कार्रवाई से बच रहे हैं।
जीएसटी की भी चोरी

अहीर ने आरोप लगाया कि रॉयल्टी के साथ एक प्रतिशत जीएसटी की भी चोरी की जा रही है। वाहन चालकों से तय वजन से अधिक की रॉयल्टी, प्रीमियम राशि नकद ली जाती है। इसका कोई हिसाब नहीं होता है। वाहन मालिक या चालक ऑनलाइन नुगतान कर पक्का बिल मांगता है तो उसे डराया-धमकाया जाता है।
रवन्ना की हो जांच

यूनियन ओवरलोड बजरी वाहनों के जारी रवन्ना की उच्च स्तरीय जांचकर कठोर कार्रवाई की मांग की। गड़बड़ी पाए जाने पर खनन पट्टा निरस्त करने की मांग की। अहीर ने बताया कि कोटड़ी की लीज पहले से बंद है। बडलियास में काम 7 अप्रेल से बंद हो गया। फिर भी लीजधारक स्टॉक बताकर बजरी का परिवहन कर रहे हैं।
ट्रैक्टर ट्रॉली को दे रहे लाल पर्ची

हमीरगढ़, मंगरोप व अन्य स्थानों से बजरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों के माध्यम से लाई-ले जाई जा रही है। नियम के अनुसार, ट्रैक्टर बजरी परिवहन नहीं कर सकता। ट्रैक्टर को रॉयल्टी की रसीद न देकर लाल पर्ची दी जा रही है। यह राशि लीजधारक की जेब में जा रही है। प्रति ट्रैक्टर ट्रॉली पर रॉयल्टी के नाम पर 350 से 400 रुपए प्रतिटन लिए जा रहे हैं जबकि सरकार ने रॉयल्टी दर 55 रुपए प्रति टन तय किए हैं। बजरी से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली मध्यप्रदेश तक जा रहे हैं।
इनका कहना है-

बजरी की रॉयल्टी राशि अधिक वसूलने का ज्ञापन मिला है। इसकी हम जांच करवा रहे हैं।
-जिनेश हुमड़, खनिज अभियन्ता, भीलवाड़ा