
Every person will be sanitized with a sanitary fountain machine in bhilwara
भीलवाड़ा .
कोरोना महामारी से लडने के लिए मोहम्मद असलम चांदजी लाइट वाले सेनेटाइजर केबिन का निर्माण किया है। केबिन को बुधवार को महात्मा गांधी चिकित्सालय के आउटडोर के बाहर रखा जाएगा। असलम ने बताया कि केबिन से गुजरने वाला व्यक्ति सेनेटाइज हो जाएगा जिसके बाद उसे कोरोना वायरस का खतरा नहीं रहेगा। इससे शहर के हित में यह काम किया है जिसकी सभी तरफ प्रशंसा हो रही है।
असलम ने स्वयं के खर्चे पर सेनेटाइजर केबिन बनाकर मंगलवार को अपने गोदाम के बाहर रखा है। शहर में यह प्रथम सेनेटाइजर केबिन है जिसका निर्माण स्थानीय स्तर पर किया गया है। हालांकि अभी तक इस तरह की मशीन बाहर से भी नहीं पहुंची है। असलम ने बताया कि शहर के हित को ध्यान में रखे हुए सेनेटाइजर केबिन बनाने की योजना बनाई थीं। कोरोना वायरस से लोगों को बचाने की चाह में 40 हजार रुपए की लगात और चार-पांच दिन की मेहनत से सेनेटाइजर केबिन का निर्माण किया।
इन सामग्री से किया निर्माण
केबिन निर्माण में मोटरपंप, बैटरी, टीन का शेड और कोरोना को समाप्त करने वाले केमिकल का उपयोग किया गया। केबिन से गुजरने के बाद में किसी भी व्यक्ति पर यह केमिकल्स 10 घंटे तक कोरोना या किसी भी वायरस से बचाव का दावा कियाा है। इस केबिन में करीब १२ फव्वारा लगे है। इससे निकलने वाले हर व्यक्ति पूरी तरह से सेनेटाइज होकर ही निकलेगा। सेनेटाइजर केबिन को अस्पताल के अधीक्षक डा. अरूण गौड़ को सुपुर्द किया जाएगा। इस केबिन पर जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट, पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र महावर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मुस्ताक खान व एमजीएच के अधीक्षक डा. अरूण गौड़ के चित्र लगे है। इसके अलावा कोरोना बाचाव हेतु सावधानी लिखा है।
Updated on:
08 Apr 2020 08:41 am
Published on:
08 Apr 2020 08:40 am
