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खाड़ी देशों में रोजगार के नाम पर शोषण

मौत के एक माह बाद भी शव परिजनों तक नहीं पहुंच पाने की घटना ने खाड़ी देशों में रोजगार दिलाने के नाम पर चल रहे शोषण के चक्रव्यूह की झलक दिखा दी है।

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सऊदी अरब में शाहपुरा के श्रमिक की मौत के २२ दिन बाद भी शाहपुरा में शव नहीं पहुंचने पर थाने में बैठा पीडि़त परिवार

शाहपुरा।

सऊदी अरब में कस्बे के बिरदीचंद जीनगर की मौत के एक माह बाद भी शव परिजनों तक नहीं पहुंच पाने की घटना ने खाड़ी देशों में रोजगार दिलाने के नाम पर चल रहे शोषण के चक्रव्यूह की झलक दिखा दी है। इन देशों में जाने वाले अधिकतर लोग निर्धन होते हैं। अच्छी पगार व काम दिलाने के नाम पर दलालों के माध्यम से उन्हें वहां भेजा जाता है। वहां एक बार पहुंचने के बाद यदि मनचाहा काम व पगार नहीं मिलता तो लौट पाना आसान नहीं होता है। शाहपुरा क्षेत्र के ही एक दर्जन लोग रोजगार के लिए खाड़ी देशों में गए हुए है। इधर, परिजनों ने मौत की सूचना के २२ दिन बाद शव नहीं मिलने के मामले में रविवार को पुलिस से मिलकर सहयोग मांगा।

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लोगों ने बताया कि कि खाड़ी देशों में जाने के लिए लोग कर्जा लेकर दलालों को देते हैं। वहां पहुंचते ही सम्बन्धित एजेन्सी के लोग उनके पासपोर्ट व वीजा कब्जे में ले लेते हैं और काम में झोंक देते हैं। वहां गए एक व्यक्ति ने अपने परिवार को फोन पर जो हालत बताए वह काफी पीड़ादायक है। उसने बताया कि उसे दिन भर में एक बोतल पानी की देकर बकरियां, भेड़े एवं ऊंट चराने के लिए रेगिस्तान में भेजते हैं। दो वर्ष का एग्रीमेंट पूरा हो जाने पर भी वहां के लोग 90 दिनों के वीजा की तारीख तीन माह और बढ़ा लेते है।

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लौटने पर पगार पूरी नहीं देते। महिलाएं की पीड़ा भी कुछ कम नहीं है। वहां गई एक महिला के परिजनों ने बताया कि सऊदी अरब में ब्यूटी पार्लर, कपड़े की दुकानों के काऊंटर पर नौकरी दिलाने के नाम पर दलाल मोटी रकम लेकर विदेश भेज देते हैं। वहां पहुंचने पर गृह कार्य (झाडू, पोचा आदि कार्यो) में झोंक देते है।


विदेश से लौटा मृतक का भाई

मृतक बिरदीचंद तीन भाई है। भाई की मौत की सूचना पर दुबई में काम कर रहे शंकर तीन दिवस पर्व ही दुबई से छुट्टी लेकर लौटा और प्रशासन से मदद की मांग की। मृतक की पत्नी गुणसागर ने बताया कि एक लाख का कर्ज लेकर दलाल के द्वारा विदेश गया। तीन-चार माह की पगार उनके खाते में वहां से डलावायी भी है।


डर के मारे किसी को नहीं दी सूचना
बिरदीचंद जीनगर फरवरी में सऊदी अरब गया था। वहां 15 जुलाई को उसकी मौत हो गई थी। परिजनों को 21 जुलाई को जानकारी मिली। लेकिन उसे प्रशासन या मीडिया तक नहीं पहुंचाया गया। सूचना के बाद परिजनों ने विदेश भेजने वाले दलाल से सम्पर्क किया तो उसने यह कह कर डरा दिया कि प्रशासन या मीडिया को इसकी भनक लगी तो मृतक की बकाया पगार तुम्हें मिल पाने में दिक्कत होगी। आश्वासन के तीन सप्ताह बाद कुछ नहीं हुआ तब उन्होंने शाहपुरा तहसीलदार से शव को विदेश से मंगवाने की गुहार लगाई। सांसद सुभाष बहेडिया तक भी कागज पहुंचाए गए। सांसद ने बाद में विदेश मंत्रालय में सम्पर्क किया।


पुलिस से मांगी मदद
नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष रघुनन्दन सोनी की अगुवाई में मृतक की पत्नी गुणसागर,परिजन एवं मोहल्लेवासी थाने पहुंचे। पीडि़ता जीनगर ने थानाधिकारी डूंगर सिंह को प्रार्थना पत्र देकर पति की मौत के बाद सऊदी अरब में शव नहीं पहुंच पाने की सूचना दी। उन्होंने पुलिस से अपने स्तर पर शव मंगवाने की कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थित कमजोर होने से विदेश जाकर शव लाने की स्थिति में भी परिवार नहीं है। इधर, थानाधिकारी डूंगरसिंह ने बताया कि प्रार्थना पत्र को जिला मुख्यालय भिजवाकर हरसंभव मदद का प्रयास किया जाएगा।

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