
भीलवाड़ा के भदालीखेड़ा क्षेत्र में एक ऐसा ऑटो एलपीजी पंप पकड़ा गया है, जो बिल्कुल अधिकृत पेट्रोल पंप की तर्ज पर बनाया गया था, लेकिन उसके पास संचालन का कोई वैध दस्तावेज नहीं था। जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देश पर रसद विभाग की टीम ने जब मौके पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी चौंक गए।
जिले में पिछले कुछ समय से अवैध गैस रिफिलिंग की शिकायतें मिल रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला कलक्टर ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला रसद अधिकारी अमरेंद्र कुमार मिश्र के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर भदालीखेड़ा स्थित ऑटो एलपीजी पंप पर छापा मारा। जांच के दौरान जब पंप संचालक बिजेंद्र सिंह से लाइसेंस और एनओसी मांगी गई, तो वह एक भी पुख्ता दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
जांच में सामने आया कि यह पंप पूरी तरह से अवैध था और आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों का खुला उल्लंघन कर रहा था। बिना किसी सुरक्षा ऑडिट और अग्निशमन उपकरणों के पर्याप्त इंतजाम के बिना यहाँ वाहनों में गैस भरी जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार इस तरह के अवैध पंप किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे थे। रिहायशी इलाके के नजदीक होने के कारण यह और भी खतरनाक साबित हो सकता था।
विभागीय टीम ने मौके पर ही पंचनामा तैयार कर पंप की मशीनों और नोजल को सील कर दिया है। रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि पंप संचालक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। टीम अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस अवैध पंप को एलपीजी की सप्लाई कहां से और किन एजेंसियों के माध्यम से की जा रही थी।
Published on:
28 Mar 2026 11:40 am
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