
भीलवाड़ा। जिले के तिलस्वां महादेव मंदिर परिसर के कुण्ड में रविवार को नहाने गए पिता-पुत्र की डूबने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार कवरपुरा, चित्तौडगढ़़ निवासी कालू मेघवाल (55) मूलत: जोलास पंचायत के चांदखेड़ी का रहने वाला था। शनिवार को वह अपने 14 वर्षीय पुत्र छीतर को साथ लेकर पैतृक गांव आया था। रविवार सुबह दोनों तिलस्वां महादेव मंदिर के दर्शन करने के बाद कुण्ड में नहाने चले गए। पुत्र छीतर पेडिय़ों पर बैठकर नहा रहा था। इस दौरान गहराई में जाने से कालू डूबने लगा। उसकी चीख सुनकर पेड़ी पर बैठा बेटा बचाने के लिए कुण्ड में उतर गया। वह भी तैरना नहीं जानता था। इसलिए दोनों डूब गए।
चार घंटे लगे ढूंढऩे में
गोताखोरों ने आधा घंटे बाद पुत्र का शव और चार घण्टे बाद पिता का शव निकाला। मृतकों के पास दस्तावेज नहीं मिलने से पहचान में काफी दिक्कत हुई। पहचान के बाद परिजन भी पहुंच गए। पुलिस के अनुसार छह माह पूर्व प्रसव के दौरान कालू की पत्नी की मौत हो गई थी।
तिलस्वा महादेव के दर्शन करने आए थे पिता-पुत्र
पुलिस के अनुसार सुबह तिलस्वा महादेव के दर्शन करने आए थे। दर्शन करने के बाद दोनों कुंड में नहाने चले गए। नहाते समय पिता गहराई की और चला गया जबकि उसे तैरना नहीं आता था। डूबते पिता को देख पुत्र ने भी कुंड में डूब गया। मौके पर मौजूद लोगों ने कुछ ही देर में 12 साल के बच्चे को तो निकाल दिया, लेकिन पिता का शव नहीं मिला। तिलस्वां कुंड में तलाश के लिए बीगोद से गोताखोर बुलाए गए। जिन्होंने काफी प्रयास के बाद शव को निकाल लिया। बताया जा रहा है कि यह लोग संभवता जोगणिया माता के दर्शन कर देर रात यहां पहुंचे थे। उनके पास से जोगणिया माता का प्रसाद और कुछ कपड़े मिले हैं।
Published on:
14 May 2018 11:04 am
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