
गंगापुर क्षेत्र के बलाई खेड़ा गांव में दूषित भोजना से हुई मौतों को चिकित्सक प्रथमदृष्टया सेल्फोस से होना ही मान रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि फूड पाइजनिंग से इतनी जल्दी मौत नहीं होती।
भीलवाड़ा।
गंगापुर क्षेत्र के बलाई खेड़ा गांव में दूषित भोजना से हुई मौतों को चिकित्सक प्रथमदृष्टया सेल्फोस से होना ही मान रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि फूड पाइजनिंग से इतनी जल्दी मौत नहीं होती। लेकिन यहां आए बीमारों की जो हालत थी, उससे लगता है कि भोजना के साथ सेल्फोस जैसा तीव्र जहरीला पदार्थ खाया गया हो।
महात्मा गांधी जिला अस्पताल में उप नियत्रंक डॉ. देवकिशन सरगरा ने बताया कि अस्पताल में कुल छह मरीज को लेकर आए थे। इसमें से तीन की तो उपचार शुरू करते ही मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि बाकी तीन को आईसीयू में भर्ती किया गया है। जिनकी स्थिति गंभीर है। अभी 24 घंटे तक इनके लिए कुछ कहा नहीं जा सकता है। उन्होंने बताया कि मरीजों की स्थिति देखने से एेसा लग रहा है कि सेल्फोस ही होगा। कारण है कि फूड पॉइजनिंग होने से मरीज की इतनी जल्दी मौत नहीं होती है। उपचार शुरू करने पर मरीज की स्थिति सुधर जाती है लेकिन इनकी स्थिति बहुत गंभीर थी।
माना जा रहा है कि गेहूं में रखे गए कीटनाशक पदार्थ को भूलवश निकाला नहीं गया होगा और वह आटे के साथ ग्राइंड हो गया होगा। जिससे आटा ही जहरीला हो गया। हालांकि अब एफएसएल रिपोर्ट से ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी
गंगापुर से जैसे ही इन मरीजों को लाए वहां स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल में लाते ही तीन जनों की मौत हो गई। यह खबर अस्पताल में फेल गई। सूचना मिलने पर सभापति ललिता समदानी, जिला कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल, एडीएम सिटी राजेंद्रसिंह, नगर विकास न्यास अध्यक्ष गोपाल खंडेलवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष दामोदर अग्रवाल आदि अस्पताल में पहुंचे।
पांच की हुई है मौत
गंगापुर क्षेत्र में हुई इस घटना में पांच जनों की मौत हुई है। इसमें दो बच्चे शामिल है। इसमें पुलिस ने सभी सामग्री के नमूने ले लिए हैं। इसमें एफआईआर भी दर्ज हो रही है। मौके पर एडीएम को भी भेजा है। इसकी विस्तृत जांच करवाई जा रही है।
मुक्तानंद अग्रवाल, जिला कलक्टर
Published on:
09 Feb 2018 11:00 pm
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