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भीलवाड़ा।
बजरी के अवैध दोहन और माफिया को पनपाने की शिकायत पर मंगलवार रात सहायक उपनिरीक्षक समेत पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक योगेश यादव ने आदेश जारी कर बड़लियास थाने के सहायक उपनिरीक्षक मीठूसिंह व बरूंदनी चौकीप्रभारी नरेश कुमार को लाइन भेजा। गत दिनों सवाईपुर चौकी प्रभारी रामकिशोर बेड़ा और सिपाही के क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर कार्रवाई करने पर वहां बजरी माफिया और अवैध वसूली करने वालों ने चौकीप्रभारी को बंधक बना लिया था। सिपाही की वर्दी फाड़ दी थी।
उस समय एएसआइ रात में बड़लियास थाने में ड्यूटी ऑफिसर था। जिस जगह घटना हुई वह बरूंदनी क्षेत्र में थी। वहां हैड कांस्टेबल नरेश कुमार तैनात था। क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर कार्रवाई करने और बजरी का अवैध दोहन करवाने की शिकायत पर मंगरोप थाने में तैनात हैड कांस्टेबल पिताम्बर, सिपाही दुर्गाप्रसाद तथा जीप चालक डूंगर सिंह को लाइन भेज दिया गया। मंगरोप थानाधिकारी समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ ग्रामीण लामबद्ध हो गए थे। ग्रामीणों ने सोमवार को कलक्टे्रट पर प्रदर्शन कर निलंबित करने की मांग की थी। इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भी दिया गया था।
वीडियो ने खोली पुलिस की पोल
बीगोद और बड़लियास थाने का दो दिन पूर्व सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ था। इसमें पुलिसकर्मी बेरीकेट लगा बजरी से भरे वाहनों को निकाल रहे थे। एक बोर्ड पर बड़लियास थाना लिखा हुआ था। वीडियो वायरल के बाद पुलिस महकमे की किरकिरी हुई थी।
पहले भी नप चुके एएसआइ समेत चार पुलिसकर्मी
पुर थाने में सहायक उपनिरीक्षक कमलेश कुमार समेत चार पुलिसकर्मी साढ़े तीन माह पूर्व निलंबित हो चुके हैं। उन पर जोधड़ास चौराहे के निकट बजरी से भरे डम्पर को रोक चौथ वसूली करने और मारपीट का आरोप था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह ने अगले दिन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
Updated on:
06 Feb 2019 02:45 am
Published on:
06 Feb 2019 02:45 am
