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खेल दिवस पर विशेष: सरकारी शूटिंग रेंज नहीं बनी तो खुद बना डाली

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government shooting range is not created, then make itself in bhilwara

government shooting range is not created, then make itself in bhilwara


भीलवाड़ा।

भले ही एक से बढ़कर एक शूटर सटीक निशाना साधकर पदक ला रहे हैं, लेकिन सुखाडि़या स्पोट्र्स कॉम्पलेक्स में शूटिंग रेंज का निर्माण कार्य दो वर्ष से अटका हुआ है। एेसे में उभरते निशानेबाजों को मंजिल नहीं मिल पा रही है। एेसे में भीलवाड़ा के राष्ट्रीय शूटर अमन सोनी ने हिम्मत दिखाते हुए निजी स्तर पर संसाधान जुटाकर शूटिंग रेंज स्थापित कर दी।खेलों में शूटिंग की बात करें तो भारत ने सबसे ज्यादा मैडल इसी में जीते हैं।

ऑलम्पिक, कॉमनवैल्थ गेम्स, एशियन गेम्स व वल्र्ड चैंपियनशिप की शूटिंग स्पद्र्धाओं में भारत ने सर्वाधिक पदक बटोरे हैं। हाल ही ऑस्ट्रेलिया में हुए 21वें कॉमनवैल्थ गेम्स में भारत ने 16 पदक जीते। जकार्ता में चल रहे 18वें एशियन गेम्स में देश के खिलाडिय़ों ने 9 पदक जीत कर इतिहास रचा है। अंतरराष्ट्रीय शूटरों से प्रेरित होकर जिले के कई शूटरों ने निजी स्तर पर प्रयास कर अपनी मंजिल तय की और जिले व प्रदेश के लिए पदक जीते।


छोटा गांव,बड़ी छलांग
हुरड़ा कस्बे से उभरी कानावत बहनें शिवांगी व आंकाक्षा ने धाक जमाई। राष्ट्रीय शूटर अमन सोनी ने भी पदकों पर निशानें साधे हैं। इसी प्रकार मुस्कान बानू, फ रहीन खान व अंजलि गुजर, शत्रूजीत सिंह, सुरेन्द्र सिंह , अनिरुद्ध शाह, देवेंद्र सिंह , बालवीर सिंह, करण सिंह व राजेश यादव, मयंक वासवानी, साहिल खान, यशवंत सिंह, गौरव गूजर, ऋ षि त्रिपाठी, आदित्य कोठारी व मानवेन्द्र सिंह भी जिले के गौरव रहे हैं।


शूटरों की पीड़ा नहीं देखी गई
अमन सोनी बताते हैं कि शहर के शूटरों को प्रेक्टिस के लिए शहर से बाहर जाना पड़ता था, एेसे में उन्हें कई प्रकार की परेशानी उठानी पड़ रही थी। धन व समय का भी नुकसान हो रहा था, कई प्रतिभाओं ने शूटिंग करना ही छोड़ दिया। उन्होंने व्यक्तिगत संसाधन, सुविधाएं जुटाई और शहर में ही आधुनिक रेंज स्थापित कर दी। अब शूटरों के लिए प्रेक्टिस के लिए अच्छा प्लेटफार्म तैयार हो गया है। यहां रहकर खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी कर सकते हैं। आर्मी, एयरफोर्स, नेवी तथा कई डिपार्टमेंट में स्पोट्र्स कोटे में नौकरी पाने के अवसर भी हैं।


बजरी ने अटका दी शूटिंग रेंज
जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। कई शूटर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अमन के प्रयास सराहनीय हैं। सुखाडि़या स्पोट्र्स कॉम्पलेक्स में ढाई करोड़ की लागत से शूटिंग रेंज का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। केन्द्रीय खेल मंत्रालय ने एक करोड़, यूआइटी ने एक करोड़ तथा पूर्व राज्यसभा सदस्य वीपी सिंह ने सांसद कोष से 50 लाख रुपए दिए हैं। निर्माण यूआइटी के जिम्मे है। कोर्ट के आदेश से बजरी पर रोक के कारण कार्य अटक गया है।
भगवतसिंह कानावत, जिला सचिव, भीलवाड़ा रायफल एसोसिएशन