भीलवाड़ा से मात्र 10 किलोमीटर दूर समोड़ी का मामला
भीलवाड़ा से मात्र 10 किलोमीटर दूर समोड़ी में चल रही चुनाई पत्थर की खदानों के ऊपर से गुजर रही 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन बाली से पाली तथा भीलवाड़ा से कोटा को जोड़ती हुई निकल रही है। इस लाइन के नीचे चुनाई पत्थर का खनन हो रहा है। यहां से पत्थर निकालने के लिए रोजाना ब्लास्टिंग भी की जाती है। अगर इस ब्लास्टिंग से 220 केवी लाइन के तार टूटते हैं तो भीलवाड़ा, कोटा, बाली, पाली, जोधपुर तक के शहर व गांव अंधेरे में डूब सकते हैं। ट्रांसमिशन लाइन के बारे में जब विद्युत प्रसारण निगम के अधिशाषी अभियंता भीलवाड़ा डीके यादव, अधिशाषी अभियंता 400 केवी जीएसएस जगदेव सिंह, सहायक अभियंता सिद्धार्थ जैन से जानकारी चाही तो उन्होंने इस बारे में किसी भी तरह की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया। यह ट्रांसमिशन लाइन कहां से कहां जा रही है तथा लाइन के क्षतिग्रस्त होने पर कितने गांव व शहर अंधेरे डूब सकते हैं। इस मामले में विद्युत प्रसारण निगम के अधीक्षण अभियंता अनिल जैन से संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका फोन नो रिप्लाई था। विद्युत प्रसारण निगम के अधिकारी इतने लापरवाह हैं कि वे एक दूसरे पर डालते रहे। ऐसा नहीं है कि इस लाइन के बारे में उनको जानकारी नहीं होगी, लेकिन हकीकत यह है कि इसके बारे में किसी अधिकारी को जानकारी तक नहीं है।