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कोठारी नदी को प्रदूषित मुक्त करने की कवायद खानापूर्ति

- पर्यावरण विभाग के निर्देश पर हुई बैठक- कमेटी पर चर्चा, ठोस निर्णय नही हो सका
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Kothari river polluted in bhilwara

Kothari river polluted in bhilwara

भीलवाड़ा।


कोठारी नदी में बढ़ते प्रदूषण व नगरीय अपशिष्ट ठोस प्रबन्धन को लेकर जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक खानापूर्ति बनकर रह गई। बैठक नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) की ओर से नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन को लेकर प्रमुख सचिव को १६ अप्रेल को तलब करने को लेकर आनन-फानन में बुलाई गई थी।

पर्यावरण विभाग निदेशक मोनाली सेन ने प्रदेश के सभी जिला कलक्टर को एनजीटी के आदेश की पालना में बैठक कर तत्काल रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे। इसके चलते सोमवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर बैठकें हुई। हालांकि लोकसभा चुनाव के चलते दो चरणों में हुई बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ, लेकिन पांच सदस्यों की कमेटी बनाने की घोषणा की गई, जो एनटीजी के आदेशों की पालना कराए व लोगों में जागृति लाने का प्रयास करेगी। कमेटी में कलक्टर या प्रतिनिधि, पुलिस अधीक्षक या प्रतिनिधि, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी, जिला विधिक प्राधिकरण तथा एनजीओ शामिल होंगे।

कोठारी में आ रहे नाले को बदलें
कलक्टर राजेन्द्र भट्ट की अध्यक्षता में पहले चरण की बैठक सुबह पौने दस बजे हुई। एक घंटे चली बैठक में कोठारी नदी में कॉलोनियों के नालियों व नालों का आ रहे दूषित पानी रोकने के लिए नगर विकास न्यास अधिकारियों को निर्देश दिए गए। नदी में पड़े मलबे को हटाने के लिए न्यास व नगर परिषद को आदेश दिए गए। नदी में पालड़ी को जोडऩे वाली पुलिया के बारे में न्यास से जानकारी ली गई। न्यास अधिकारी रामेश्वर शर्मा ने बताया कि पुलिया निर्माण से नदी पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। जो नुकसान होगा उसके बदले बेटी गौरव उद्यान में पांच हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। दूसरे चरण की बैठक दोपहर दो बजे बाद हुई।

कचारा जलाने पर नाराजगी
भट्ट ने शहर तथा कीर खेड़ा ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरा जलाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने परिषद को सख्त निर्देश दिए कि कर्मचारियों को कहीं भी कचरा नहीं जलाने के लिए पाबंद किया जाए। शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

डम्पिंग यार्ड की व्यवस्था
जिले की छह नगर पालिकाओं तथा नगर परिषद की ओर से डम्पिंग यार्ड के बार में भी जानकारी ली। पालिकाओं ने यार्ड बनाने का दावा किया। गौरतलब है कि ठोस अपशिष्ट संग्रहण, परिवहन तथा निस्तारण को लेकर राज्य सरकार को दिए गए निर्देशों की पालना नहीं होने पर एनजीटी ने प्रमुख सचिव को तलब किया है।

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