
अजमेर चौराहे के निकट सिविल लाइन में मंगलवार रात पुलिस उपाधीक्षक (शहर) के आवास के सामने सरकारी के क्वॉर्टर के पार्क में कोई एक दिन की नवजात बालिका को छोड़ गया
भीलवाड़ा।
अजमेर चौराहे के निकट सिविल लाइन में मंगलवार रात पुलिस उपाधीक्षक (शहर) के आवास के सामने सरकारी के क्वॉर्टर के पार्क में कोई एक दिन की नवजात बालिका को छोड़ गया। नवजात के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों को पता लगा। उसे महात्मा गांधी अस्पताल परिसर स्थित मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (एमसीएच) के शिशु गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया। बच्ची प्री-म्योचर है। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
पुलिस उपाधीक्षक राजेन्द्र त्यागी के अनुसार उनका सिविल में आवास है। आवास के सामने सरकारी क्वार्टर जी-15 में रात सवा नौ बजे घास में कोई एक दिन पहले हुई नवजात बालिका को छोड़ गया। उसके रोने की आवास पर आसपास रहने वाले लोगों को पता लगा। उन्होंने तत्काल डीएसपी त्यागी को बताया। नवजात लाल रंग के शॉल में लिपटी हुई थी। उसे डीएसपी एमसीएच लेकर पहुंचे। वहां शिशु गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कर लिया गया। बच्ची का वजन 1 किलो 500 ग्राम है। घर पर ही हुआ प्रसव चिकित्सकों ने जांच की तो पता चला कि नवजात के नाभि में सिलाई का धागा बंधा था।
इससे चिकित्साकर्मियों का मानना है कि महिला को प्रसव अस्पताल में नहीं बल्कि घर में कराया गया। प्रसव किसी दाई ने किया। बच्ची समय से पहले हो गई। उसे ठण्डी घास में छोड़ देने से सांस लेने में दिक्कत हो रही है। उसे तत्काल ऑक्सीजन पर रखा गया। बच्ची की हालत फिलहाल नाजुक बनी हुई है। इसकी जानकारी बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सुमन त्रिवेदी को दी गई। डीएसपी त्यागी ने बताया कि बच्ची मंगलवार को मिलने से उसका फिलहाल नाम अंजली रखा गया है।
जरा भी नहीं कापें परिजनों के हाथ
फूल सी नन्हीं बेटी को घास पर छोड़ते हुए परिजनों के हाथ जरा भी नहीं कांपे जो ऐसा कुत्सित काम किया। गौरतलब है कि पूर्व में शहर में इस तरह की घटनाएं सामने आई है जब परिजन अपने नवजात को छोड़ गए।
Updated on:
20 Sept 2017 02:55 pm
Published on:
20 Sept 2017 02:50 pm
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
