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Central Government On Mica Export: केंद्र सरकार देश से अभ्रक के निर्यात पर सख्ती करने जा रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय ने अभ्रक के निर्यात को मुक्त श्रेणी से हटाकर प्रतिबंधित श्रेणी में डालने का प्रस्ताव तैयार किया है।
केंद्र सरकार के इस संभावित कदम से राजस्थान और विशेषकर मायका सिटी के नाम से मशहूर भीलवाड़ा के उद्योग जगत में हड़कंप मचा हुआ है। इससे रोजगार संकट की आशंका है। ऐसे में राजस्थान के उद्योग जगत को गहरा आघात लग सकता है।
डीजीएफटी की ओर से 16 अप्रेल 2026 को जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार अभ्रक (एचएस कोड 2525) की निर्यात नीति में संशोधन के लिए एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक बुलाई गई थी। बैठक 20 अप्रेल को नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में विदेश व्यापार महानिदेशक की अध्यक्षता में हुई। इसमें संबंधित मंत्रालयों के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों ने मंथन किया
राजस्थान अभ्रक के उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार है और इसका मुख्य केंद्र भीलवाड़ा, राजसमंद, टोंक, केकड़ी, नसीराबाद तथा नागौर समेत अन्य जिले हैं। अभ्रक की कई खदानें और प्रोसेसिंग इकाइयां संचालित हैं।
उच्च गुणवत्ता वाला अभ्रक विदेशों में निर्यात किया जाता है। यदि इसके निर्यात को रिस्ट्रिक्टेड श्रेणी में डाल दिया जाता है, तो निर्यातकों को विदेश माल भेजने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस और पूर्व-अनुमतियां लेनी होंगी। विदेशी मुद्रा आय घटेगी और खदानों व फैक्टरियों में काम करने वाले हजारों लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो जाएगा।
20 अप्रेल को हुई इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद अब सबकी निगाहें वाणिज्य मंत्रालय के अंतिम फैसले और आगामी अधिसूचना पर टिकी हैं। फिलहाल इस सूचना ने ही स्थानीय खदान मालिकों, निर्यातकों और व्यापारी वर्ग की नींद उड़ा दी है।
Updated on:
25 Apr 2026 10:05 am
Published on:
25 Apr 2026 10:05 am
