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Jaipur RTO 3 Digit Scam: 2129 वाहन नकली, चेसिस नंबर बदला गया, आरोपी बाबू को दफ्तर लेकर पहुंची पुलिस, 38 संदिग्ध

Jaipur RTO Scam: जयपुर में परिवहन विभाग के बहुचर्चित 'थ्री डिजिट' फर्जीवाड़े में गांधी नगर थाना पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस शुक्रवार को गिरफ्तार आरोपी बाबू जहांगीर खान को झालाना स्थित आरटीओ कार्यालय लेकर पहुंची। वहां आरोपी की मौजूदगी में रिकॉर्ड खंगाले गए और कूट रचना से जुड़े अहम साक्ष्य जुटाए गए।

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आरोपी आरटीओ बाबू जहांगीर खान, पत्रिका फोटो

आरोपी आरटीओ बाबू जहांगीर खान, पत्रिका फोटो

Jaipur RTO Scam: जयपुर में परिवहन विभाग के बहुचर्चित 'थ्री डिजिट' फर्जीवाड़े में गांधी नगर थाना पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस शुक्रवार को गिरफ्तार आरोपी बाबू जहांगीर खान को झालाना स्थित आरटीओ कार्यालय लेकर पहुंची। वहां आरोपी की मौजूदगी में रिकॉर्ड खंगाले गए और कूट रचना से जुड़े अहम साक्ष्य जुटाए गए। आरोपी बा​बू से पुलिस को अहम जानकारी मिली है। माना जा रहा है कि जल्द ही फर्जीवाड़े में शामिल नामजद अन्य आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि होगी।

यह है पूरा मामला

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने विभाग के कर्मचारियों और दलालों से मिलीभगत कर उन पुराने वाहन नंबरों को दोबारा सक्रिय कर दिया, जो अब अस्तित्व में नहीं थे। वर्ष 1989 से पहले की सीरीज के इन नंबरों को फर्जी दस्तावेज के आधार पर नए वाहनों को आवंटित कर दिया गया। जांच में 2129 वाहनों के रिकॉर्ड संदिग्ध मिले हैं, जिनमें कई के चेसिस नंबर पूरी तरह बदल दिए गए थे। फर्जीवाड़े में विभाग के कर्मचारियों और दलालों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है।

बड़ी गिरफ्तारियों की तैयारी

थानाप्रभारी भजनलाल के अनुसार, इस खेल में विभागीय कर्मचारियों और दलालों सहित करीब 38 लोगों की संलिप्तता का अंदेशा है। गौरतलब है कि आरटीओ प्रथम कार्यालय ने 9 दिसंबर 2025 को इस गड़बड़ी को पकड़ा था। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जिनके जरिए कबाड़ हो चुके वाहनों के नंबरों का अवैध कारोबार किया गया। पुलिस ने अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर शिकंजा कस दिया है।

लाखों रुपए कीमत के वाहन हुए कबाड़

प्रादेशिक परिवहन कार्यालय ने फर्जीवाड़े से वाहनों के नंबर हासिल करने वाले 2129 संदिग्ध वाहनों के मालिकों को स्पष्टीकरण देने का मौका दिया था जिसमें महज 10 फीसदी वाहन मालिकों ने विभाग में जवाब पेश किया। ऐसे में अन्य वाहन मालिकों का जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने वाहनों के पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी। पंजीकरण निरस्त होने पर दोबारा वाहन का पंजीकरण नहीं होने से लाखों रुपए कीमत के विदेशी समेत कई लग्जरी वाहन अब सड़कों पर नहीं दौड़ सकेंगे। इस सूरत में ये लग्जरी वाहन अब कबाड़ में तब्दील हो जाएंगे।

कई कर्मचारी-दलाल हुए भूमिगत

जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग की ओर से पुलिस में फर्जीवाड़े का मामला दर्ज होने के बाद मामले में आरोपित कई कर्मचारी और दलाल भूमिगत हो गए हैं। पुलिस ने मामले में नामजद कर्मचारियों और दलालों को दबोचने की अब तैयारी कर ली है। जल्द ही पुलिस बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू करेगी।