
सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ
Ghost Doctors Rajasthan: राजस्थान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधीन सरकारी अस्पतालों में कागजों में तैनात 697 सरकारी डॉक्टर वर्षों से ड्यूटी से नदारद हैं। इनमें से कई डॉक्टर 10-20 साल से अधिक समय से अनुपस्थित हैं, लेकिन अब भी सरकारी रिकॉर्ड में पद संभाले हुए दिखाए जा रहे हैं। इस स्थिति ने सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी पैदा कर दी है, जिससे मरीजों को लंबा इंतजार और अधूरी चिकित्सा सेवाओं का सामना करना पड़ रहा है।
चिकित्सा विभाग की ओर से तैयार सूची में स्त्री रोग, बाल रोग, रेडियोलॉजी, सर्जरी और सामान्य चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण विभागों के डॉक्टर शामिल हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि ये पद कागजों में भरे होने के कारण नई भर्ती भी नहीं हो पा रही, जिससे जमीनी स्तर पर डॉक्टरों की कमी और गंभीर हो गई है।
विभाग ने अब ऐसे डॉक्टर की नियुक्ति निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन चिकित्सकों को पहले नोटिस जारी किए गए थे और जिन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, उनके खिलाफ सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है। कार्रवाई से पहले विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इनकी पूरी कुंडली खंगालने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि, विभाग का कहना है कि अनुपस्थिति के दौरान इन डॉक्टरों को वेतन नहीं दिया गया, लेकिन वे अभी भी सरकारी कर्मचारी के रूप में दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई डॉक्टर निजी अस्पतालों में काम कर रहे हैं, कुछ ने अपने क्लीनिक खोल लिए हैं, जबकि कुछ विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए चले गए।
उदयपुर में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ अगस्त 2013 से अनुपस्थित है, जबकि एक बाल रोग विशेषज्ञ जुलाई 2004 से ड्यूटी पर नहीं लौटा। अजमेर के जेएलएन अस्पताल में एक सर्जन 21 फरवरी 2007 से अनुपस्थित है। यानी जिस दिन उनका ट्रांसफर हुआ, उसी दिन से उन्होंने काम पर लौटना बंद कर दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, कई डॉक्टर ट्रांसफर आदेश के बाद रिपोर्ट ही नहीं करते या पोस्टिंग मिलने के बावजूद ज्वाइन नहीं करते। विभाग अब इसे सरकारी आदेशों की अवहेलना और कर्तव्य में लापरवाही मान रहा है।
प्रारंभिक सूची तैयार की गई है। ऐसे डॉक्टरो की पूरी पड़ताल के लिए सभी सीएमएचओ को लिखा गया है। हम डॉक्टरों के गायब होने के ठोस कारणों की पड़ताल कर रहे हैं। उसके बाद अनुचित मामलों में कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.रविप्रकाश शर्मा, निदेशक जनस्वास्थ्य, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग
Updated on:
25 Apr 2026 08:45 am
Published on:
25 Apr 2026 08:44 am
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