
Market buzzed, but buyer absent in bhilwara
भीलवाड़ा .
शहर व जिले में कफ्र्यू में १२ घंटे की ढील देने के साथ ही बाजार तो गुलजार हो गए, लेकिन खरीदारी के लिए ग्राहक नदारद नजर आए। गुरुवार को बाजार खुलने के कुछ देर थोड़ी भीड़ नजर आई, लेकिन दिन भर बाजार खुलने तथा गर्मी में तेजी होने से अब लोग भी रूक-रूक कर बाजार आ रहे थे। दोपाहर बाद तो बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ था। जिला प्रशासन के १२ घंटे बाजार खोले जाने की अनुमति के बाद व्यवसायियों सहित आमजन को राहत मिली है। सुबह बाजारों में रौनक नजर आई। सुबह ७ बजे ही दुकानें खुलने लग गई। अनुमत के अलावा भी कई दुकाने खुलने लगी थी। शराब व मिठाई के साथ ही अन्य खाद्य पदार्थ की दुकानें भी खुली नजर आई। इन पर खरीदारी के लिए भीड़ देखी गई। कई जगह कॉलोनियों व चौराहों पर पुलिस के ना होने का फायदा उठाते हुए लोग समूह में बाते कर धारा १४४ का उल्लंघंन करते नजर आए। बाद में जब पुलिस वाहन नजर आए तो यह लोग स्वत: ही रवाना हो गए।
गुलमंडी क्षेत्र में खुली दुकाने
शहर के बड़ा मंदिर, सर्राफा बाजार व गुलमंडी में सुबह कुछ कपड़ा व्यवसायियों व सर्राफा व्यापारियों के साथ ही ज्वैलर्स शॉप संचालकों ने अपनी दुकानें खोल ली। सभी व्यवसायी साफ-सफाई करने लग गए। इन दुकानों को पुलिस ने गैर अनुमत होने के चलते बाद में बंद करवा दिया। व्यापारियों का कहना था कि जब प्रशासन हर वर्ग के व्यापारियों को राहत दे रहा है तो उन्हें भी दी जाए। मध्यम वर्ग के होने के कारण उन्हें सब से ज्यादा आर्थिक परेशानियां झेलनी पड़ रही है। गंगापुर रोड पर अधिंकांश कपड़ा व्यवसायियों ने अपनी दुकानें खोल दी। चौराहे से लेकर विशाल मेगा मार्ट तक कपड़े व अन्य दुकानें खुलने के बाद जब अधिकारियों को पता लगा तो इन्होनें मौके पर पहुंच दुकानदारों को फटकार लगाने के साथ हर दुकाने बंद करवा दी।
प्रमुख बाजारों में रही चहल पहल
शहर के प्रमुख बाजारों में ही चहल-पहल देखने को मिली। विशेष रूप से बाजार नबर २ व ३ में काफी रौनक थी। किराणा व प्रोविजन स्टोर के साथ ही इलेट्रोनिस की दुकानोंं पर लोग कुलर, पंखे व अन्य सामान खरीदते नजर आए। अन्य जरूरत की सामग्री की दुकानों पर भी ऐसा ही हाल देखा गया। इन बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गई। पूरा शहर खुलने की अफवाह के चलते लोग मंदिरों में दर्शन करने के लिए भी पहुंच गए लेकिन उन्हें बाहर से ही दर्शन कर लौटना पड़ा। शहर के बड़ा मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में तो लोगों ने अंदर जाकर भगवान के दर्शन किए।
बुजुर्ग व बच्चे भी दिखे बाजार में
बाजारों में ६० वर्ष से उपर के लोगों एवं १० वर्ष से कम उम्र के बच्चों की आवाजाही पर रोक होने के बावजूद लोगों ने इस मामले में नासमझी का परिचय दिया। बाजारों में बुजुर्गो के साथ ही बच्चें भी घुमते नजर आए। कई जगह पुलिसकर्मियों ने इन्हें टोका और घर भी रवाना किया। इसी तरह वाहन चालकों ने भी नियमों की अवहेलना की। हर वाहन पर दो-दो सवारी थी। कुछ के चालान भी बनाए गए थे।
Published on:
15 May 2020 04:03 am
