प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जारी किए आदेश
भीलवाड़ा .
कोरोना के खिलाफ जंग में इस्तेमाल होने वाले मास्क, केप, शू कवर, ग्लव्स, पीपीई किट एवं ऑक्सीजन गैस उत्पादन की इकाइयों का विस्तार अब आसानी से हो सकेगा। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऐसी इकाइयों के विस्तारीकरण के नियम आसान कर दिए हैं। यानी अब प्रदेश में स्थापित इकाइयों का विस्तार केवल ऑनलाइन आवेदन पत्र भेजने के साथ ही तत्काल किया जा सकेगा।
राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सदस्य सचिव ने गत दिनो एक आदेश जारी कर मास्क, ग्लब्स, पीपीई कीट बनाने वाली सभी इकाईयों को अपना उत्पादन बढ़ाने, विस्तार करने सहित अन्य कार्य के छूट दी है। इसका फायदा भीलवाड़ा में दो इकाईयों को होगा। सदस्य सचिव का कहना है कि कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव पर नियंत्रण के लिए मास्क, ग्लव्स, पीपीई किट तथा सैनिटाइजर की प्रचुर मात्र में आवश्यकता पड़ रही है। इसे देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदेश में स्थापित इकाइयों के लिए उनकी क्षमता विस्तार के नियम आसान कर दिए हैं। जो इकाइयां प्रदेश में अपना विस्तार करना चाहती हैं वे ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन करते ही उन्हें विस्तार की डीम्ड अनुमति मिल जाएगी। इसके बाद इकाइयां बढ़ी हुई क्षमता के अनुसार अपना उत्पादन कर सकेंगी। इससे पहले बोर्ड सैनिटाइजर की उत्पादन इकाइयों के विस्तार की ऐसी ही सुविधा प्रदान कर चुका है।
उल्लेखनीय है कि रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में दो इकाईया संचालित है। इन दोनो में मास्क बनाने का काम हो रहा है। जबकि एक इकाई में तो सभी तरह के उत्पाद बनाए जा रहे है जो मेडिकल में काम आते है। हालांकि इस उद्योग को एक बार बन्द करने के मौखिक आदेश भी जारी कर दिए थे। लेकिन बाद में अधिकारियों ने अपने आदेश को बदल कर मास्क उपलब्ध कराने की शर्त पर उसे पुन: उत्पादन के आदेश दिए थे।