
नंदी को ट्रैक्टर में बांधकर घुमाते हुए (फोटो- पत्रिका)
शाहपुरा (भीलवाड़ा): शाहपुरा के अरनिया रासा गांव में गोवंश के साथ क्रूरता और उसके बाद ग्रामीणों द्वारा की गई ‘कंगारू कोर्ट’ जैसी कार्रवाई से गांव में तनाव का माहौल बन गया है। यह मामला अब पुलिस जांच के दायरे में आ गया है।
जानकारी के अनुसार, 2 जनवरी को गांव निवासी पप्पू मीणा के खेत में एक सांड फसल को नुकसान पहुंचा रहा था। सांड को खेत से हटाने के लिए पप्पू ने उसे ट्रैक्टर के पीछे बांध दिया और गांव के बाहर तक घसीटते हुए ले गया। इस पूरी घटना का किसी ग्रामीण ने वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद अगले दिन 3 जनवरी को गांव में आक्रोश फैल गया।
आरोप है कि बड़ी संख्या में ग्रामीण पप्पू मीणा के घर पहुंच गए। पप्पू की पत्नी सीमा ने शाहपुरा थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि भीड़ ने उनके घर पर हमला किया, ट्रैक्टर को जलाने की कोशिश की और परिवार को डराया-धमकाया। सीमा का आरोप है कि उनके बेटे को जबरन घर से बाहर ले जाकर ‘मुर्गा’ बनाया गया और उसकी पीठ पर भारी पत्थर रखकर शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
इसके बाद गांव में एक स्वघोषित पंचायत या ग्राम सभा बुलाई गई, जिसे पीड़ित पक्ष ‘कंगारू कोर्ट’ बता रहा है। इस ग्राम सभा में आरोपी परिवार पर 44 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। आरोप है कि पंचायत ने यह राशि चार अलग-अलग गौशालाओं में 11-11 हजार रुपए जमा कराने का फरमान सुनाया। सीमा का कहना है कि उनसे और उनके परिवार के सदस्यों से जबरन कुछ कागजों पर हस्ताक्षर भी करवाए गए।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद से उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान से मारने और गांव से बाहर निकालने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने करीब दो दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। शाहपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सभी आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो, गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
05 Jan 2026 10:52 pm
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