
मातृकुंडिया बांध लबालब होने पर खोला गया एक गेट। फोटो- पत्रिका
राजस्थान की वस्त्रनगरी भीलवाड़ा की जीवन रेखा मेजा बांध के लिए शनिवार शाम एक और खुशी की खबर आई। चित्तौड़गढ़ जिले के मातृकुंडिया बांध के लबालब होते ही मेजा फीडर में पानी कलकल करने लगा है। मेजा फीडर का पानी मेजा बांध में आकर मिलेगा।
इस बार लड़की बांध के साथ मातृकुंडिया बांध भी हमारी खुशियों को पंख लगाने को तैयार है। शाम चार बजे पूजा-अर्चना के साथ मेजा फीडर को खोला गया। 58 किलोमीटर का सफर तय करके 60 घंटे में पानी मेजा बांध पहुंचेगा। इसके अलावा मातृकुंडिया बांध का एक गेट खोलकर पानी की पानी की निकासी की गई है। इससे बनास नदी में तेजी से पानी की आवक होगी।
राजसमंद जिले में इस बार अच्छी बरसात हुई है। इससे जिले का नंदसमंद बांध छकलते ही उसका पानी मातुकुंडिया में पहुंचा। 23 फीट क्षमता का मातृकुंडिया बांध शनिवार सुबह छलक गया। जुलाई माह में बांध छलक गया। उसके बाद मेजा फीडर और गेट खोलने का निर्णय हुआ।
शाम को कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर व जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता धीरज बेनीवाल ने पूजा-अर्चना कर फीडर और गेट खोले। इससे पहले रायपुर का लड़की बांध छलकने से उसका पानी भी मेजा बांध में पहुंचेगा। इस समय मेजा बांध का गेज 10.37 फीट चल रहा है।
यह वीडियो भी देखें
बीते नौ साल में मातृकुंडिया बांध ने सात बार मेजा बांध को भरने की आस जगाई। पिछले चार साल से तो लगातार मेजा फीडर में पानी छोड़ा जा रहा है। वर्ष-2016, 2017, 2019, 2020, 2022, 2023, 2024 में फीडर में पानी छोड़ा गया था।
Updated on:
26 Jul 2025 09:24 pm
Published on:
26 Jul 2025 09:24 pm
