
Message of dowry freedom in bhilwara
सवाईपुर
दहेज के लिए महिलाओं पर अत्याचार के मामले बढ़ रहे हैं। दहेज की खातिर लक्ष्मी का रूप माने जानी वाली महिलाओं को यातनाएं सहन करनी पड़ती हैं, वहीं एक युवक ने मिसाल पेश की है। दहेज प्रथा को त्यागने का संदेश देने के लिए दूल्हे ने वधू पक्ष की ओर से दस्तूर में दी गई राशि लौटाकर सामाजिक सुधार की अनूठी पहल की। दूल्हे ने वधू पक्ष की ओर से दस्तूर में रखी गई 3 लाख 11 हजार रुपए की राशि दूल्हे ने लौटा दी। दूल्हे का कहना था कि उसके लिए दुल्हन ही सबसे बड़ा उपहार है।
सबलाजी का खेड़ा (कोटड़ी) निवासी डॉ. भीमसिंह राठौड़ की पौत्री व महेन्द्र सिंह की पुत्री कृष्णा कंवर की शादी में यह अनूठी पहल देखने को मिली। दूल्हे दांतड़ा बांध (आसीन्द) निवासी डॉ. संग्रामसिंह चूण्डावत के पुत्र विजेन्द्र सिंह चूण्डावत ने शादी के वक्त दस्तूर में रखी गई राशि लौटा दी। दूल्हा विजेन्द्र सिंह पेशे से शिक्षक हैं।
Published on:
01 Feb 2019 01:01 am
