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सड़क पर सेहत से खिलवाड़: चलते फिरते अस्पतालों में हर मर्ज की दवा का दावा, कम होने के बजाय बढ रहा मर्ज

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Messing health on the road in bhilwara

Messing health on the road in bhilwara

भीलवाड़ा।
गुप्त रोग हो या कैंसर या टीबी। हर बीमारी का हमारे यहां पक्का इलाज किया जाता है। इलाज से फर्क नहीं पड़ा तो शर्तिया पैसे वापस देंगे। सात पीढि़यों से हम देसी दवाखाना चला रहे हैं, आइए, शंका मत कीजिए। एेसे बोर्ड या दावे, आपको शहर की कई मार्गों पर सड़क किनारे सुनने व देखने को मिलेंगे। दरअसल शहर में कई जगह कुछ झोलाछाप अवैध रूप से देसी दवाखाना चला रहे हैं।

इनमें जड़ी-बूटियां, पेड़ों की छाल व लोंग-काली मिर्च रखकर हर बीमारी का उपचार की गारंटी दी जा रही है। चौंकाने वाली बात है कि यह दवाखाने केवल तम्बू में चल रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति इनके पास जाता है तो उसे ये तम्बू में बिठाकर बीस रुपए परामर्श लेकर कुछ दवाओं के साथ फोटो भी दिखाते हैं। इसमें हर बीमारी ठीक होने का दावा करते हैं। इसके बाद दवा के नाम पर मरीजों से मनमाने दाम वसूल जा रहे हैं।
चादर तानकर सो रहे जिम्मेदार महकमे

शहर में इन दिनों बाहरी लोग सड़कों पर चलते-फिरते अस्पताल संचालित करने से भी नहीं चूक रहे। चिंताजनक बात यह है कि इन चलते फिरते दवाखानों की दवा का गलत असर भी हो सकता है लेकिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ ही आयुर्वेद विभाग की ओर से इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

चलते-फिरते 'अस्पतालÓ यहां
चलते-फिरते अस्पताल पुर रोड, चित्तौडग़ढ रोड, आजादनगर रोड पर खुले हुए है। सड़क पर झोपड़ीनुमा टेन्ट लगाकर उसमें कांच की बरनियों में सफेद, पीला व काला पाउडर सहित पेड़ की छाले व अन्य जड़े रखी है। झोपड़ी के बाहर बड़े होर्डिग्स व स्पीकर लगे है जो आते-जाते लोगों को गुमराह कर रहे हैं। स्पीकर से कई लोग आकर्षित होकर इस झोपड़ीनुमा दवाखाने में जा भी रहे है। वहां झोलाछाप की बातों पर विश्वास कर दवा खरीद कर सेहत से खिलवाड़ करते नजर आ रहे है। शहर में एेसे दवाखाने लम्बे समय से स्थान बदल-बदल कर चलाए जा रहे है लेकिन विभागीय कार्रवाई नही होने से इन पर लगाम नहीं कस पा रही है। इन झोलाछापों के चक्कर में विशेष रूप से गांव के लोग पड़ रहे है। उनके कम पढे़ लिखे होने का फायदा उठाकर उनसे पेड़ की छाल व अन्य पाउडरों के हजारों रुपए एेठे जा रहे है।

इन इलाज का दावा
झोलाछाप द्वारा दी जाने वाली दवा से नामर्दानगी, निसंतानता, मोटापा, पेट के रोग, बालों का झडऩा, निमोनिया, गठियाबाय, लकवा सहित कई गंभीर रोग से निजात दिलाने का वादा किया जा रहा है, लेकिन सम्बंधित विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा। एेसे में इन चलते-फिरते अस्पतालों से लोगो का मर्ज कम होने के बजाय और बढऩे की आशंका हो रही है।

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