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एमजी हो​स्पिटल में पार्किग व्यवस्था बीमार

bhभीलवाड़ा जिले के सबसे बड़े महात्मा गांधी अस्पताल की पार्किग व्यवस्था बीमार है। वाहनों के बढ़ते दबाव से यहां साइकिल स्टैंड भी बौना साबित हो रहा। स्थान एवं सुविधाओं का अभाव से चिकित्सालय में आने वाले लोग मनमर्जी से वाहन खड़े कर रहे है।
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भीलवाड़ा

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Narendra Kumar Verma

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Updated: 14 Dec 2023, 9:23 PM IST

एमजी हो​स्पिटल  पार्किग व्यवस्था

एमजी हो​स्पिटल पार्किग व्यवस्था

भीलवाड़ा जिले के सबसे बड़े महात्मा गांधी अस्पताल की पार्किग व्यवस्था बीमार है। वाहनों के बढ़ते दबाव से यहां साइकिल स्टैंड भी बौना साबित हो रहा। स्थान एवं सुविधाओं का अभाव से चिकित्सालय में आने वाले लोग मनमर्जी से वाहन खड़े कर रहे है।

इससे चिकित्सालय में पार्किंग को लेकर अव्यवस्थाओं का आलम है। इससे आवाजाही बाधित हो रही। उधर, अस्पताल प्रशासन भूपाल क्लब की जमीन चिकित्सालय को आवंटित किए जाने की राह ताक रहा है। भीलवाड़ा व शाहपुरा जिले अलावा चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद जिले से भी लोग उपचार के लिए यहां पहुंचते है। मेडिकल कॉलेज खुलने से भी मरीजों की संख्या बढ़ी है।

पांच हजार की आवाजाही, वाहन खड़े करने की जगह नहीं
अस्पताल के आउटडोर में रोजाना तीन हजार से अधिक लोगों का पंजीयन होता है। इसी प्रकार इंडोर रोगियों की संख्या दो सौ करीब है। इनके साथ आने वाले लोगों की संख्या भी करीब दो हजार है। इसके बावजूद मुख्य चिकित्सालय भवन की पार्किग व्यवस्था ठीक नहीं है। मौजूदा पार्किंग स्टैंड छोटा पड़ रहा है। भीतर वाहन को पार्क करने में भी काफी समय लगता है। स्टैंड में जगह नहीं मिलने पर कई बार वाहन को बाहर खड़ा करना पड़ता है, लेकिन स्टैंड कर्मी यहां दुगना चार्ज वसूलते है।

फ्री पार्किग पड़ रही भारी
पार्किंग स्टैंड पर सौ से अधिक स्टाॅफ नर्सिग कर्मी के वाहन खड़े होते है। इतनी ही वाहन चिकित्सकों के है। मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं की संख्या भी तीन सौ से अधिक है। इन सबके वाहन की पार्किग व्यवस्था मुफ्त रहती है। ऐसे में पार्किग व्यवस्था के लिए पर्याप्त स्थान का अभाव है। चिकित्सालय प्रशासन को भी कई बार लिखा जा चुका है। मेडिकल रिलीफ सोसायटी की बैठक में भी यह मुद्दा उठा चुका है।

आम रास्ता बना आफत
सीएमएचओ कार्यालय के निकट से अधिकांश वाहन चिकित्सालय परिसर में से होते हुए बाजारों की तरफ निकल रहे है। ऐसे में लोगों एमजीएच को ही आम रास्ता बना रखा है। यह रास्ता चिकित्सालय प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। साइकिल स्टैंड संचालक कैलाश पटेल का कहना है कि पार्किंग स्टैंड पर वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। स्टैंड ठेका राशि लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुविधा एवं पार्किग स्टैंड पुराना ही है।

चार स्थल कर रखे चिंहित
एमजीएच भवन एवं चिकित्सा सुविधा का विस्तार हो रहा है। कार्य पूर्ण होते ही नई पार्किग व्यवस्था की दिशा में कदम उठाया जाएगा। नई व्यवस्था के लिए भूपाल क्लब की जमीन को अस्पताल को आवंटित करने की मांग की है। चार स्थान भी चिन्हित कर रखें है। यह स्थल सीएमएचओ ऑफिस के समीप, नर्सिग कॉलेज, टीबी होस्पिटल व पीएमओ कार्यालय के समीप भी नई पार्किग व्यवस्था प्रस्तावित है।
डॉ. अरुण शर्मा, पीएमओ एवं अधीक्षक मेडिकल कॉलेज