
मिनी सचिवालय की बंद पोटली खुलेगी
भीलवाड़ा।
भाजपा शासन में फाइलों में दबी बहुद्देशीय व मिनी सचिवालय परियोजना सत्ता में बदलाव के साथ फिर नगर विकास न्यास की फाइलों से बाहर आ गई है। वस्त्रनगरी की अब तक की सबसे बड़ी महत्वकांक्षी योजना को मूर्तरूप देने के संकेत मिलने के बाद शुक्रवार को न्यास प्रशासक राजेन्द्र भट्ट ने जानकारी ली। उन्होंने एक वर्ष के भीतर कार्य पूर्ण करने के लिए बार चार्ट बनाने के निर्देश दिए। मिनी सचिवालय व आवासीय कॉलोनी तक सीधे पहुंच बनाने के लिए जोधड़ास आरोबी, दो पुलिया के निर्माण व सड़कों के जाल के लिए फरवरी में टेण्डर प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही सभी निर्माण कार्य एक वर्ष में पूरे करने के प्रयास करने के निर्देश दिए।
छह वर्ष पहले राज्य में कांग्रेस के शासन में तत्कालीन नगर विकास न्यास अध्यक्ष रामपाल शर्मा ने 2013 में सरकार से परियोजना की मंजूरी ली थी। तत्कालीन मख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सितम्बर 2013 में योजना का शिलान्यास किया, लेकिन सत्ता बदलने के साथ ही परियोजना फाइलों में दब गई। इसके बाद भाजपा के शासन में पूर्व न्यास अध्यक्ष गोपाल खण्डेलवाल ने योजना को मिनी सचिवालय के नाम से फिर शुरू करवाने की पहल की। पार्टी के ही शहर विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी योजना का विरोध किया। खण्डेलवाल ने शहर के विकास का तर्क देते हुए योजना 15 जुलाई 2017 को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी करवा ली। सरकार ने मिनी सचिवालय को मंजूरी नहीं दी और बहुद्देशीय योजना पर ही काम करने का रास्ता बताया।
प्रशासक ने पूछा- कैसे करेंगे काम
सरकार बदलने के साथ ही परियोजना पर फिर कार्य शुरू हो गया है। न्यास प्रशासक जिला कलक्टर भट्ट ने शुक्रवार को परियोजना प्रभारी न्यास सहायक अभियंता रविश श्रीवास्तव से जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि न्यास टीम, परियोजना पर किस प्रकार काम करेगी। इस पर श्रीवास्तव ने नक्शा दिखाकर प्रस्तावित भवनों व अब तक हुए निर्माण के बारे में बताया। श्रीवास्तव ने बताया कि भूमि अवाप्ति को लेकर लैंड यूफिक्स कराने व नक्शों की मंजूरी के लिए फाइल एसटीपी को भिजवाई गई।
77 करोड़ का निर्माण
परियोजना क्षेत्र तक आवागमन सहज करने के लिए जोधड़ास आरओबी के साथ ही कोठारी नदी पर केशव हॉस्पिटल व श्रीनाथ सर्किल पर दो पुलिया का निर्माण प्रस्तावित है। करीब 27 करोड़ की लागत से बनने वाली पुलिया का फायदा खातेदारों से मिलेगा। इसके लिए खातेदारों से 13.37 रुपए प्रति फीट राजस्व मद में लिया जाएगा। जोधड़ास आरओबी पर 50 करोड़ की लागत आएगी।
ये हैं प्रस्तावित कार्य
पालड़ी, सांगानेर, तेलीखेड़ा, गोविन्दपुरा व आकोला का पुरावत पंचायत क्षेत्र के एक दर्जन गांवों की 8340 बीघा भूमि अधिगृहीत की जाएगी। परियोजना को स्वायत्त शासन विभाग ने दो हिस्सों में बांटा था। पहले हिस्से में विजयराजे सिंधिया इंडस्ट्रीयल एरिया व दूसरे हिस्से में मिनी सचिवालय को शामिल किया गया। मिनी सचिवालय में कलक्टर व पुलिस अधीक्षक कार्यालय समेत 21 प्रमुख सरकारी भवन, मेडिकल कॉलेज, आरएसी बटालियन, कृषि उपज मंडी समिति, जिला कारागार, चम्बल पेयजल परियोजना पम्पिंग केन्द्र, केन्द्रीय विद्यालय भवन, पर्यटक हाउस, ट्रांसपोर्ट भवन, सर्किट हाउस, होटल, क्लब, न्याय भवन समेत विभिन्न सरकारी भवनों का एक ही परिसर में निर्माण का प्रस्ताव है। इनमें बाल सम्प्रेषण गृह, देवनारायण बालिका छात्रावास व मेडिकल कॉलेज का कार्य हो चुका है, जबकि विजयराजे सिंधिया औद्योगिक नगरी में सड़कों का आंशिक जाल बिछ चुका है।
बहुद्देशीय परियोजना बनेगी विकास का परिचायक
बहुद्देशीय परियोजना वस्त्रनगरी के विकास एवं विस्तार में मील का पत्थर साबित होगी, परियोजना क्षेत्र मे आवाजाही सहज हो सके, इसके लिए सबसे पहले सड़क, पुलिया व ओवरब्रिज निर्माण पर जोर रहेगा। निर्माण तय समय में पूरा हो इसके लिए बार चार्ट बनाया जा रहा है। इसमें सभी निर्माण कब पूरे होने हैं, उसकी तारीख का भी उल्लेख होगा।
राजेन्द्र भट्ट, न्यास प्रशासक एवं जिला कलक्टर
Published on:
26 Jan 2019 01:59 am
