5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मोदी सरकार ने अडाणी ग्रुप को दी हरी झण्डी

उद्यमियों से मिलकर लगा रहे खपत का अंदाजाभीलवाड़ा व बून्दी में होगी गैस की आपूर्ति
2 min read
Google source verification
Modi government gives green flag to Adani group in bhilwara

Modi government gives green flag to Adani group in bhilwara

भीलवाड़ा।

गेल इंडिया के बाद अब गुजरात का अडाणी ग्रुप भीलवाड़ा में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) सप्लाई करेगा। अडाणी ग्रुप पाइप लाइन नहीं डालेगा बल्कि तरल के रूप में टैंकरों से गैस भीलवाड़ा लाएगा।
अडाणी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के गैस विभाग के अधिकारियों ने हाल में यहां उद्यमियों के साथ इस प्रोजेक्ट पर चर्चा की। कंपनी यहां सर्वे करा रही है। अधिकारी टेक्सटाइल एवं खनन समेत अन्य क्षेत्र के उद्यमियों से सम्पर्क कर रहे हैं। पता लगा रहे हैं कि भीलवाड़ा में गैस की खपत कितनी हो सकती है। पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस रेग्युलेटरी बोर्ड ने हाल में राजस्थान के कुछ जिलों में गैस वितरण की मंजूरी दी। भीलवाड़ा व बूंदी जिले में प्राकृतिक गैस का वितरण अडाणी को दिया। सीएनजी स्टेशन बनाए जाएंगे।

प्रोसेस, डाइंग हाउस व स्टील प्लांट के लिए वरदान
भीलवाड़ा में नेचुरल गैस के लिए बड़े ग्राहकों के रूप में यहां के 19 प्रोसेस व डाइंग हाउस, जिंदल सॉ लिमिटेड और चंदेरिया और आंगूचा के हिंदुस्तान जिंक प्लांट हैं। इनके अलावा भी कई और इंडस्ट्रीज बिजली, कोयले के मुकाबले सस्ती मिलने पर गैस लेने को तैयार हो सकती हैं। यह गैस ऑटो, फोर व्हीलर व हेवी व्हीकल में काम आ सकती है। खनिज क्षेत्र में इंश्यूलेशन ब्रिक्स उद्योग, साबुन उद्योग, होटल, चिकित्सा, कॉमर्शियल क्षेत्र में भी गैस काम आ सकती है।

गेल की पाइपलाइन तैयार
गेल इंडिया ने कोटा से भीलवाड़ा और चित्तौडग़ढ़ के चंदेरिया तक गैस पाइपलाइन बिछाई है। कोटा से भीलवाड़ा के कांदा तक करीब 180 किमी लाइन बिछा रखी है, जो सप्लाई के लिए तैयार है। कांदा में टर्मिनल बनाया है, जहां से भीलवाड़ा के उद्योगों को गैस सप्लाई हो सकेगी। कांदा से लाइन आगे चंदेरिया जा रही है। चंदेरिया में हिंदुस्तान जिंक का गैस आधारित प्लांट लगाने का प्लान है।

उद्योगों को बदलनी होगी मशीनरी
प्रोसेस व डाइंग हाउस में ईंधन के रूप में अभी कोयला काम आ रहा है। उद्यमियों का कहना है कि गैस की कीमतें ज्यादा हैं इसलिए दरें सस्ती नहीं होने तक गैस खरीदने में परेशानी है। गैस लेने से पहले प्रोसेस व डाइंग हाउसों को बॉयलर्स व अन्य मशीनरी में भी बदलाव करना पड़ेगा। इसके चलते प्रोसेस व डाइग हाउस गैस के लिए तैयार नहीं हो रहे है। अडाणी ग्रुप के अधिकारी गौरव गुप्ता का कहना है कि भीलवाड़ा व बून्दी में गैस सप्लाई को लेकर योजना चल रही है।

बड़ी खबरें

View All

भीलवाड़ा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग