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भीलवाड़ा में इस गंभीर बीमारी से 500 से ज्यादा लोगों की हो गई मौत, अफसर दबा रहे मामला

patrika.com/rajsthan news
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भीलवाड़ा में इस गंभीर बीमारी से 500 से ज्यादा लोगों की हो गई मौत, अफसर दबा रहे मामला

भीलवाड़ा में इस गंभीर बीमारी से 500 से ज्यादा लोगों की हो गई मौत, अफसर दबा रहे मामला

जसराज ओझा. भीलवाड़ा. परिवार का पेट-पालने के लिए खदानों में पत्थर तोड़ रहे मजदूरों की जिंदगी खतरें में है। घातक बीमारी सिलिकोसिस ने जिले में अब तक ५०० से ज्यादा मजदूरों को मौत की नींद सुला दिया है। खान विभाग ने अब तक १९८ मृतकों के परिजनों को ऑनलाइन भुगतान किया है। बाकी श्रमिकों के परिजन चक्कर काट रहे हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि चिकित्सा विभाग भी मृतकों के आंकड़े को छिपा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को करेड़ा में कहा कि सिलिकोसिस भयावह बीमारी है। इससे मौतों पर परिजनों को मुआवजा दे सकते हैं, लेकिन यह समाधान नहीं है। इसके लिए पूरे सिस्टम को काम करना होगा। भीलवाड़ा समेत जोधपुर, भरतपुर, करौली, धौलपुर, बूंदी, नागौर, अजमेर, सिरोही व उदयपुर में सिलिकोसिस से रोगियों की संख्या सबसे ज्यादा है। राजस्थान पत्रिका ने भीलवाड़ा जिले में सिलिकोसिस पर पड़ताल की, तो हैरान करने वाले तथ्य सामने आए। इसमें पता चला है कि खदानों में मजदूरों की सुरक्षा के प्रति खुद खान मालिक ही सजग नहीं है। उन्हें न मास्क मिलते हैं और न ही नियमानुसार खनन होता है। इससे यह बीमारी बढ़ती जा रही है। खान विभाग के अधिकारी भी खदानों के निरीक्षण में खानापूर्ति करते हैं।
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एमडीएफटी से बांटे छह करोड़
वर्ष २०१८-१९ व २०१९-२० में अब तक सिलिकोसिस से मौत पर १९८ मृतकों के परिजनों २.९७ करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इसी तरह २३० जीवित रोगियों को भी ३.१२ करोड़ का भुगतान किया गया। पहले यह राशि नहीं मिली थी, लेकिन अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन राकेश कुमार ने एक-एक श्रमिक की फाइल मंगवाकर एमडीएफटी से ऑनलाइन भुगतान करवाया।
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टीबी का समझ करते थे उपचार
मुख्यमंत्री ने करेड़ा मे कहा था कि यह बीमारी पहले भी थी, लेकिन डॉक्टर नहीं समझ पाए। इसका उपचार टीबी समझकर करते थे इसलिए मरीज ठीक नहीं होते थे। अब इसका उपचार है, लेकिन सावधानी बहुत जरूरी है। वर्तमान में मृतक के परिजनों को तीन लाख तथा जीवित रोगी को दो लाख रुपए मिलते हैं।
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ये बोले, जिम्मेदारजिले में सिलिकोसिस रोगियों की जांच के लिए कैंप लगे हैं। जितने भी रोगी हैं, उनका उपचार कराएंगे। मौतों का सर्वे करवा मुआवजा दिलाया जाएगा।
राजेंद्र भट्ट, जिला कलक्टर

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