
Mother and son were sentenced to seven years in bhilwara
माण्डलगढ़।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या तीन कैम्प माण्डलगढ़ अल्का गुप्ता ने सदोष मानव वध का दोषी मानते हुए बुधवार को मां-बेटे को सात साल की सजा सुनाई। बीस-बीस हजार रुपए जुर्माने के आदेश भी दिए। सजा पाने वालों में दूधिया खेड़ी निवासी बाली पत्नी बाबू बंजारा व उसका पुत्र सेवा उर्फ शिवा शामिल है।
अपर लोक अभियोजक श्यामलाल गुर्जर के अनुसार 7 नवम्बर 2016 को दूधिया खेड़ी निवासी नंदलाल बंजारा ने बिजौलियां थाने में मामला दर्ज कराया था। परिवादी ने बताया कि 6 नवम्बर 2016 को परिवादी और उसकी पत्नी गंगापुर गए थे। पीछे से अभियुक्त मां-बेटे परिवादी के खेत पर ट्रैक्टर लेकर गए। मेथी की फसल से ट्रैक्टर निकालने लगे। इस दौरान परिवादी की पुत्री सुला ने ट्रैक्टर को रोका। मां-बेटे ने सुला से मारपीट की।
अभियुक्त बाली ने सुला के सिर पर मिट्टी के ढेला दे मारा। घायल हुई सुला ने फोन पर पिता को बताया। पिता आया तब तक सुला की मौत हो गई। पुलिस ने मां-बेटे को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया। अपर लोक अभियोजक गुर्जर ने 15 गवाह व 16 दस्तावेज पेश कर आरोप सिद्ध किया।
Published on:
24 Jan 2019 02:03 am
