
No one is listening to the victim's farmer in bhilwara
भीलवाड़ा।
जिले में गत सप्ताह आए अंधड़, बारिश व ओलावृष्टि से तबाह हुई फसलों को जिले के किसान समटने में लगे हैं। बीमित फसल वाले किसानों को बीमा कंपनियों से क्षतिपूर्ति व बिना बीमित फ सल पर सरकार से मुआवजे की आस है। यदि बीमित फसल वाले किसान संबंधित बीमा कंपनी में शिकायत दर्ज करा नुकसान की क्षतिपूर्ति करा सकते है। इसके लिए कृषि विभाग ने भी एसबीआई फसल बीमा कम्पनी को निर्देश दिए है कि वे जिले में फसल का आंकलन करें। बीमा कम्पनी ने भी एक दर्जन से अधिक कर्मचारी लगे हुए है।
खेतों में रबी की फसल बारिश, बाढ़, ओलावृष्टि, अंधड़ या आगजनी आदि की चपेट में आती है तो किसानों को दो तरीकों से नुकसान की भरपाई हो सकती है। किसान फसली ऋण लेते हैं या केसीसी से ऋण लेते हैं संबंधित बैंक उनकी फसल का बीमा के लिए प्रीमियम खाते से काटते है। कुछ किसान बिना ऋण लिए फसल का बीमा कराते हैं। इसके साथ ही कई बार अधिक नुकसान होने पर सरकार भी मुआवजा देती है।
ऐसे निर्धारित होती है क्लेम राशि
फसल बीमा में पहले पूरी तहसील को एक इकाई मानते थे। एक पटवार हलका एक इकाई माना जाता है। इससे किसानों को खासी राहत मिली है। फसल कटाई से पहले अगर प्राकृतिक आपदा से नुकसान होता है। क्लेम के बाद उस पटवार क्षेत्र में चार दिशाओं से फ सल काटकर औसत पैदावार निकाली जाती है। इसके बाद औसत पैदावार के अनुरूप संबंधित बीमा कंपनी किसानों को क्षतिपूर्ति राशि देती है।
किसान करें बीमा कंपनी में क्लेम
कृषि विस्तार के उप निदेशक जीएल चावला ने बताया कि जिनका फसल बीमा हो चुका है। कटाई के बाद तथा थ्रेसिंग से पहले अंधड़, बारिश व ओलावृष्टि से कटी कटाई फसल को नुकसान हुआ है तो वे तुरंत एसबीआई जनरल इंश्योरेंश कम्पनी के अधिकारी के मोबाइल नम्बर ९११९११९८९५ पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद वे कृषि कार्यालय से आवेदन लेकर संबंधित बीमा कंपनी में क्लेम करें। आवेदन के कुछ दिनों बाद ही बीमा कंपनी का प्रतिनिधि, हल्का पटवारी व कृषि पर्यवेक्षक टीम खेत में पहुंच कर नुकसान का आंकलन करेगी। इसके बाद कंपनी नुकसान क्षतिपूर्ति राशि देगी।
Updated on:
22 Apr 2019 11:18 am
Published on:
22 Apr 2019 11:18 am
