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दस साल में वसूल नहीं कर पाए एक करोड़

प्रदेश में वर्ष 2009 से 1110 प्रकरण लम्बितसामाजिक अंकेक्षण के दौरान मिली थी अनियमिताए
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Not able to recover in 10 years in bhilwara

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भीलवाड़ा।


मनरेगा में वर्ष 2009-10 में कराए सामाजिक अंकेक्षण के दौरान मिली अनियमिताओं व गड़बड़ी को लेकर सरकार के वसूली आदेश के बावजूद प्रदेश के कई जनप्रतिनियों से वसूली नहीं हो पा रही है। प्रदेश में 1110 प्रकरणों में एक करोड़ की राशि बकाया है। हालांकि अधिकतर जनप्रतिनिधियों ने न्यायालय की शरण ले रखी है। इसके चलते भी वसूली अटकी हुई है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की सामाजिक अंकेक्षण निदेशक मीता शर्मा ने प्रदेश के सभी कलक्टर को पत्र लिख जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से मनरेगा में अनियमितताओं के चलते बकाया राशि वसूली के निर्देश दिए। इस बारे में विभाग ने कई बार स्मरण पत्र लिखे हैं। उसके बाद भी प्रदेश में लगभग १११० प्रकरणों में लगभग ९९ लाख २९ हजार रुपए बकाया हैं।

सर्वाधिक प्रकरण भीलवाड़ा में
प्रदेश में सर्वाधिक प्रकरण भीलवाड़ा के हैं। यहां ११ पंचायतों में करीब १७३ प्रकरणों में ३८.४७ लाख रुपए बकाया हैं। मुख्य रूप से हुरड़ा की तस्वारिया में ३६ लाख १०५४१ रुपए, जहाजपुर की टिटोड़ी में १ लाख ६९,७०८ तथा सहाड़ा की लाखोला में ६७,११२ रुपए बकाया है। इनकी वसूली के लिए वर्ष २०१०-११ से पत्र लिखे जा रहे है। फिर भी जिला परिषद अधिकारी वसूली नहीं कर पाए।

जनप्रतिनिधियों ने किया था विरोध
सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय के निर्देशन में भीलवाड़ा े की कुछ पंचायतों में मनरेगा कार्यो का सामाजिक अंकेक्षण कराया था। इसमें कई अनियमितता मिली व जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से इनकी राशि वसूलने के आदेश पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध किया था। कई पंचायतों में अगले साल सामाजिक अंकेक्षण तक नहीं हो सका था।

इन जिलों में एक भी प्रकरण नहीं
अलवर, बांसवाड़ा, बाडमेर, चूरू, जयपुर, झालावाड़, कोटा तथा प्रतापगढ़ जिले में एक भी प्रकरण दर्ज नहीं है। बारां में १०८, भरतपुर में २, जैसलमेर में ९, जोधपुर में १२, पाली १८७, सवाईमाधोपुर २९, सिरोही में ५ तथा श्रीगंगानगर में १२ प्रकरण है लेकिन इनमें राशि बकाया नहीं चल रही है।

वसूली के प्रयास जारी है
सामाजिक अंकेक्षण में निकाली अनियमिताओं के प्रकरण कुछ न्यायालय में चल रहे है। मामले की पूरी रिपोर्ट लेकर वसूली योग्य राशि को वसूल करने के प्रयास किए जाएंगे।
गोपालराम बिरडा, सीईओ जिला परिषद

यह है स्थिति
जिला प्रकरण राशि
भीलवाड़ा १७३ ३८.४७
डूंगरपुर १३१ २८.८७
टोंक ५ ७.२०
अजमेर १० ५.५२
नागौर २३ ४.४८
राजसमन्द ५ ३.९७
बीकानेर ९० २.४१
करौली २५ २.१८
हनुमानगढ़ ७१ १.७१
बून्दी ४ १.६४
दौसा ३ १.१०
उदयपुर ६८ ०.५६
धौलपुर १८ ०.४३
सीकर १० ०.३७
झुंझुनंू ६२ ०.२३
चित्तौडग़ढ़ ४८ ०.१५
कुल १११० ९९.२९

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