
Now Bhilwara can also donate plasma in blood bank in bhilwara
भीलवाड़ा .
प्लाज्मा दान करने के लिए अब किसी भी कोरोना संक्रमित से ठीक हुए व्यक्ति को जयपुर व उदयपुर नहीं जाना पड़ेगा। यह सुविधा जयपुर के एसएमएस मेडिकल के बाद अब शुक्रवार से यहां मेडिकल कॉलेज से जुड़े महात्मा गांधी चिकित्सालय में शुरू हो गया है। इसके आदेश ड्रग कंट्रोलर से मिल गए है। अब कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों का इलाज प्लाज्मा थैरेपी से किया जा सकेगा। वही कोरोना से ठीक हो चुके व्यक्ति भी अपना प्लाज्मा का दान भीलवाड़ा के ब्लक बैंक में कर सकेंगे।
महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डा. अरुण गौड़ ने बताया कि प्लाज्मा चढ़ाने का काम पहले ही शुरू कर दिया था। लेकिन डोनेट करने के आदेश नहीं मिलने से यहां के लोग जयपुर या उदयपुर जाकर प्लाज्मा दान कर रहे थे। अब यह सुविधा यहा शुरू होने से गंभीर रोगियों को कुछ ही घंटों में प्लाज्या मिल सकेगा। गौड़ ने बताया कि प्लाज्मा थैरेपी का फायदा गंभीर यानी सिम्प्टोमैटिक रोगी को संक्रमित होने के छह दिन के भीतर पहुंचाया जा सकता है, क्योंकि 9-10वें दिन तो अमूमन संक्रमितों में एंटी-बॉडीज बन जाते हैं। जिले में कोरोना से अब तक ३५ संक्रमितों की मौत हो चुकी है।
प्लाज्मा डोनेट करने की अपील
एमजीएच के अधीक्षक गौड़ ने अपील की है कि भीलवाड़ा में इलाज कराने के बाद पूरी तरह स्वस्थ हुए लोग प्लाज्मा डोनेट करें। डोनर्स को लाने और वापस छोडऩे की व्यवस्था चिकित्सा प्रशासन करेगा। कोरोना से पूरी तरह ठीक हुए वही व्यक्ति प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं जिनमें संक्रमण के दौरान कम से कम बुखार खांसी के लक्षण रहे हों। कोरोना को हराने के 28 दिन बाद से 4 माह तक प्लाज्मा डोनेट किया जा सकता है। डोनर की उम्र 18 से 55 साल के बीच होनी चाहिए। इन मापदंडों को पूरा करने वाले सभी पुरुष प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं, लेकिन महिलाएं वहीं डोनेट कर सकती हैं जिन्होंने अभी तक गर्भधारण नहीं किया हो। डोनर का वजन भी 55 किग्रा से ज्यादा होना चाहिए।

Published on:
05 Sept 2020 04:01 am
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