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व्यापारियों को अब मंडी के बाहर व्यापार पर भी देना होगा टैक्स

गुड़ व चीनी को छोड़ सभी पर लगेगा टैक्स

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गुड़ व चीनी को छोड़ सभी पर लगेगा टैक्स

गुड़ व चीनी को छोड़ सभी पर लगेगा टैक्स

Bhilwara news: राज्य सरकार ने अब मंडी शुल्क की पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी है। अब मंडी से बाहर अनाज आदि का कारोबार करने वालों को भी मंडी शुल्क देना होगा। पहले यह टेक्स केवल मंडी में व्यापार करने वालों पर ही लग रहा था। राज्य के कृषि विपणन निदेशालय के इस संबंध में आदेश सभी कृषि मंडी तक पहुंच गए।

राज्य सरकार ने मंडी के बाहर कारोबार करने वाले व्यापारियों से मंडी शुल्क वसूलने की व्यवस्था समाप्त कर दी थी। मंडी से बाहर कारोबार करने वाले व्यापारियों की संख्या बढ़ गई थी। जो व्यापारी मंडी में दुकान लिए थे, वह भी बाहर से कारोबार करने लगे थे। सरकार ने 6 अगस्त 2024 को आदेश जारी कर फिर से मंडी शुल्क लागू कर दिया है। अब मंडी के बाहर कारोबार करने वाले व्यापारियों को शुल्क देना होगा। इसमें गेहूं, घी व अन्य पर 1.60 प्रतिशत, ऑयल उत्पाद सरसो व मूंगफली पर 1 प्रतिशत तथा मोटा अनाज मक्का व बाजरा पर 50 पैसा प्रति क्विंटल शुल्क शामिल है। हालांकि गुड़ व चीनी पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

राज्य कृषि विपणन विभाग के निदेशक जयसिंह ने 6 अगस्त को मंडी परिषद के सभी उप निदेशकों, सभी सभापतियों और सचिवों को पत्र जारी कर नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए हैं। मंडी परिषद की अपर निदेशक ने केंद्र सरकार के गजट को संलग्न करते हुए पत्र जारी किए हैं।

बढ़ सकती है महंगाई

मंडी शुल्क वसूलने की पुरानी प्रक्रिया लागू होने से गेहूं, दाल, चावल आदि के दर बढ़ सकते हैं। इसका असर आम आदमी पर पड़ेगा। मंडी शुल्क की व्यवस्था 6 अगस्त से खरीदे गए अनाज आदि पर लागू होगी। इससे पहले की गई खरीद टैक्स के दायरे से बाहर रहेगी। व्यापारियों का मानना है कि अब व्यापारियों को फिर से मंडी में आना होगा। मंडी में ही सभी को खरीदारी करनी होगी। कुछ व्यापारियों का मानना है कि मंडी के अंदर काम करने वाले लाइसेंस होल्डर व्यापारियों को लाभ मिलेगा और जब व्यापारियों को लाभ होगा तो मंडी को भी उसका लाभ मिलेगा। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा।

तीन श्रेणी में लगता है मंडी टैक्स

  • 1.60 प्रतिशत गेहूं, घी व अन्य पर
  • 1.00 प्रतिशत ऑयल उत्पाद सरसो व मूंगफली
  • 0.50 प्रतिशत मोटा अनाज मक्का व बाजरा

मंडी का बढेगा राजस्व

मंडी के बाहर व्यापार करने पर टैक्स समाप्त करने से मंडी का राजस्व घट गया था। व्यापारी बी मंडी परिसर के बजाय बाहर व्यापार करने लगे थे, फिर से मंडी शुल्क लगने से मंडी को राजस्व मिलेगा।

महिपालसिंह, सचिव कृषि उपज मंडी समिति भीलवाड़ा