
Officers closed compost plant in bhilwara
भीलवाड़ा।
शहर के कचरे के निस्तारण के लिए नगर परिषद के डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से लगाया कम्पोस्ट प्लांट केवल अफसरों को दिखाने को रह गया। हाल में स्वच्छता सर्वे की टीम आई थी, तब सांगानेर के कीरखेड़ा स्थित कम्पोस्ट प्लांट को चालू किया गया। अब स्वच्छता सर्वे रिपोर्ट आ गई तो प्लांट फिर बंद कर दिया। अभी शहर से कचरा उठाकर डंपर वहां जा रहे हैं लेकिन उसे जला रहे है। इस प्लांट का उद्देश्य था, कचरे से कमाई कर सके। स्थिति यह है कि यह टीम शहर के दौरे पर आई थी तब उसे परिषद के अधिकारी कीरखेड़ा प्लांट में ले गए थे।
उन्हें बताया था कि करीब 150 टन कचरा प्रतिदिन निस्तारण कर रहे हैं। इस काम को टीम ने अच्छा माना व अंक दिए थे। लेकिन सच्चाई यह है कि रिपोर्ट आते ही फिर प्लांट बंद कर दिया। दरअसल सरकार ने भीलवाड़ा समेत दस जिलों में ठोस कचरा प्रबंधन को मंजूरी दी। दस जिलों में प्लांट लगाएा। पहले निजी कंपनियों को ठेके दिए। कंपनियां कचरा उठाने के बदले पैसे देती थी लेकिन यह योजना कागजी साबित हुई है।
रुचि ही नहीं ली
10 अक्टूबर 2009 को 10000 वर्ग मीटर क्षेत्र में प्लांट लगाया। डेढ़ करोड़ लागत आई। कुछ समय खाद तैयार की गई। फिर प्लांट कई बार चला पर सफल नहीं हुआ क्योंकि परिषद अफसरों ने रुचि नहीं ली।
बंद क्यों किया, जानकारी लूंगा
प्लांट को बीच में चलाया था। अब वापस बंद क्यों किया इस बारे में जानकारी ली जाएगी। अब हमारी कोशिश यही रहेगी कि प्लांट चले ताकि कचरे के निस्तारण के साथ ही खाद बनाकर कमाई कर सके।
पद्म सिंह नरुका, आयुक्त नगर परिषद, भीलवाड़ा
Published on:
12 Jul 2018 12:46 pm
