
Panthar in bhilwara
मोड़ का निम्बाहेड़ा।
आसींद थाना क्षेत्र के कटार गांव में एक पैंथर व 2 शावकों का बीते 11 दिनों से आतंक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। जिसके कारण क्षेत्रवासी दशहत में हैं। इस क्षेत्र में आए दिन पेंथर से जुड़ी घटनाएं सामने आ रही है। 11 दिन पूर्व भी पैंथर ने एक बकरी के बच्चे को अपना शिकार बना लिया था। इसी बीच ग्रामीणों की भीड़ को देखकर पेंथर वहां से भागने में सफल हो गया। इससे पूर्व भी गांव में पैंथर को कई लोगों द्वारा देखा जा चुका है। पैंथर के आतंक से किसान एवं ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। पैंथर ने कटार ग्राम के पास एक अग्रिम ग्रेनाइट के मलबे में अपना निवास बना रखा है। जहां पर जंगल में चरने जाते मवेशियों एवं अन्य जानवरों का शिकार कर चुका है। कटार सहित आसपास के क्षेत्र में घना जंगल होने के बावजूद भी पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण जंगली जानवर एवं पैंथर आवासीय बस्ती में अपनी प्यास बुझाने के लिए आते हैं। कहीं बाहर आवासीय बस्ती में आने के कारण सड़क हादसे में भी पेन्थर जान गवा चुके हैं। गत वर्ष भी ग्रामीणों ने इस इस इलाके में आवासिय बस्ती में आने पर पेंथर को लकडिय़ों से पीट-पीटकर मार दिया था।
वहीं समाजसेवी रोहित सोनी का कहना है कि हमने कही बार वन विभाग के अधिकारियों को सूचित किया है उसके बावजूद भी अधिकारी नहीं पहुंच रहे हैं जिसके कारण एक बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है।
हमने धनेरी ग्राम के पास 4 दिनों से पैंथर को पकडऩे के लिए पिंजरा लगाया हुआ है। पैंथर के साथ अपने दो बच्चे होने के कारण भी पैंथर को पकडऩे में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
पैंथर अपने 2 शावको के साथ इस क्षेत्र में घूम रहा है। अब हम कटार कस्बे के आस पास पिंजरा लगा कर पैंथर को पकडऩे का प्रयास करेंगे।
राजेंद्र खटीक, वनपाल
Published on:
31 Mar 2019 09:32 pm
