8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

अवैध खनन को राजनीतिक संरक्षण, राजस्थान में दो साल में अवैध खनन की 20 हजार शिकायतें, एफआईआर में ढिलाई

-कार्रवाई नहीं होने के पीछे बड़ा कारण अवैध खनन को राजनीतिक संरक्षण-राज्य में अवैध खनन के उपयोग लाए 12,210 वाहन जब्त किए -23 जिलों में प्रमुख खनिजों के 145 पट्टे हैं और 86 खान क्रियाशील

2 min read
Google source verification
अवैध खनन को राजनीतिक संरक्षण, राजस्थान में दो साल में अवैध खनन की 20 हजार शिकायतें, एफआईआर में ढिलाई

अवैध खनन को राजनीतिक संरक्षण, राजस्थान में दो साल में अवैध खनन की 20 हजार शिकायतें, एफआईआर में ढिलाई

कानाराम मुण्डियार

भीलवाड़ा.

देश के 16 राज्यों में अवैध खनन धड़ल्ले से हो रहा है, लेकिन अवैध खनन मामले सामने आने के बाद भी सभी में एफआईआर दर्ज नहीं हो रही। राजस्थान समेत अन्य कई राज्यों में अधिकतर जगह अवैध खनन माफिया को राजनीतिक संरक्षण मिला है। यही वजह है कि सरकारी कार्रवाई से भी खनन माफिया के हौसले पस्त नहीं हो रहे। कार्रवाई के दौरान खनन माफिया सरकारी तंत्र पर हावी रहते हैं। राजस्थान में तो खनन विभाग एवं पुलिस दस्तों को कुचलने तक की घटनाएं हो चुकी है। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में कई लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है।

वित्तीय वर्ष 2020-21 में 15 राज्यों में अवैध खनन के 81,025 मामले सामने आए। 2021-22 में 16 राज्यों में अवैध खनन के 95,306 मामले सामने आए। यह जानकारी केन्द्रीय खान मंत्री प्रहलाद जोशी ने सोमवार को राज्यसभा में सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के सवाल के जवाब में दी। उन्होंने बताया कि दो साल में 16 राज्यों में सामने आए अवैध खनन के 19,383 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई। 13,852 मामले कोर्ट में हैं। इन दो साल में अवैध खनन के उपयोग में लाए 53,263 वाहन जब्त किए गए। राज्य सरकारों की ओर से 213778.56 लाख रुपए जुर्माना वसूला गया।

राजस्थान में वर्ष 2020-21 में 11,175 और 2021-22 में 9,346 शिकायतें सामने आई। दोनों साल में 1815 एफआईआर दर्ज हुई और 19,890.82 लाख रुपए जुर्माना वसूला गया। राजस्थान में खनिजों के अवैध खनन के उपयोग लाए गए 12,210 वाहन जब्त किए गए। राजस्थान में दो वर्ष में 575 मामले कोर्ट पहुंचे। वर्ष 2021-22 में देश में सर्वाधिक अवैध खनन की 23,787 शिकायतें उत्तरप्रदेश में सामने आई। इस वर्ष उत्तरप्रदेश के बाद सबसे ज्यादा अवैध खनने के मामले मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश और राजस्थान में सामने आए।

इन राज्यों में अवैध खननआंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, केरल, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तरप्रदेश में अवैध खनन के मामले आए हैं। भारतीय खान ब्यूरो की ओर से राज्यसभा के पटल पर 1 अप्रेल 2023 तक रिपोर्ट रखी गई। इसके अनुसार राजस्थान के 23 जिलों में प्रमुख खनिजों के 145 खनन के पट्टे हैं। इनमें 16 जिलों में 86 खानें क्रियाशील हैं।

राजस्थान : प्रमुख खनिज और खानें

अजमेर 8

बांसवाड़ा 2

बाड़मेर 8

भीलवाड़ा 6

बूंदी 1

चित्तौडगढ़़ 11

जयपुर 3

जैसलमेर 8

झुंझुनूं 6

कोटा 1

नागौर 9

पाली 7

राजसमंद 2

सीकर 2

सिरोही 4

उदयपुर 8

कुल 86