
भीलवाड़ा। शाहपुरा जिले के जहाजपुर में जल झूलनी एकादशी के जुलूस के दौरान जमकर हंगामा हुआ। कुछ महिलाओं ने भगवान पीतांबर श्याम की रामरेवाड़ी को गिराने का प्रयास किया। इससे वहां भगदड़ मच गई। घटना से जहाजपुर में तनाव व्याप्त हो गया। पथराव के बाद विधायक गोपीचंद मीणा धरने पर बैठ गए। हालांकि, अवैध निर्माण हटाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद देर रात विधायक का धरना समाप्त हो गया। जहाजपुर कस्बे में रविवार सुबह से हालात सामान्य होने लगे है। वहीं, पथराव करने वाले बदमाशों की धरपकड़ जारी है।
जानकारी के अनुसार जहाजपुर कस्बे में जलझूलनी एकादशी पर निकाली जा रही भगवान पीतांबर श्याम की रामरेवाड़ी किले से शुरू हुई। बड़ी संख्या में लोग शोभायात्रा में शामिल हुए। एक धर्मस्थल के बाहर रामरेवाड़ी पर पथराव कर दिया गया। इससे अफरा-तफरी मच गई। वर्ग विशेष की महिलाओं ने रामरेवाड़ी को गिराने का प्रयास किया। इससे वहां तनाव व्याप्त हो गया।
लोग एक धर्मस्थल पर चल रहे निर्माण को अवैध बताते हुए ध्वस्त करने की मांग करने लगे। जिस पर देर रात प्रशासन ने जेसीबी की मदद से अवैध अतिक्रमण हटवाया। शाहपुरा रोड पर देर रात प्रशान ने छह जेसीबी की मदद से करीब 24 अवैध निर्माण ध्वस्त किए। वहीं, पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। कस्बे में दूसरे दिन भी पुलिस बल तैनात है। हालांकि, अब स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
घटना के बाद हजारों की संख्या में लोग वहां जमा हो गए। कस्बे के बाजार बंद करवा दिए। हिन्दूवादी संगठन के बड़ी संख्या में लोग विधायक गोपीचंद मीणा की अगुवाई में धरने पर बैठ गए। पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश की। लेकिन, लोग आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ अवैध निर्माण हटाने की मांग करने लगे। मांग पूरी होने के बाद रात करीब 11 बजे विधायक सहित अन्य लोगों का धरना समाप्त हुआ।
Updated on:
15 Sept 2024 09:25 am
Published on:
15 Sept 2024 09:25 am
