
पत्रिका फाइल फोटो
RSRTC new transfer rules: राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) ने अपनी तबादला नीति में बड़ा और सुधारात्मक बदलाव किया है। नई नीति के तहत अब निगम में पारदर्शिता और कार्यकुशलता को प्राथमिकता दी गई है, जिससे एक और अनुशासनहीन कर्मचारियों पर सख्ती बरती जाएगी, वहीं दूसरी ओर जरूरतमंद कर्मचारियों को बड़ी मानवीय राहत प्रदान की गई है।
नई नीति में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। अब ऐसे परिचालक जो ड्यूटी के दौरान शराब पीने, बिना टिकट यात्रा कराने में संलिप्त रहने या अपनी जगह किसी और को ड्यूटी पर भेजने (एवजी व्यवस्था) जैसी गंभीर अनियमितताओं में लिप्त पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत निलंबित कर बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। ऐसे दागियों को अब फील्ड पोस्टिंग से हटाकर दूरस्थ या गैर-महत्वपूर्ण स्थानों पर भेजने का प्रावधान किया है।
मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए रोडवेज प्रशासन ने दिव्यांगों और गंभीर बीमारियों (जैसे कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट या हृदय रोग) से जूझ रहे कर्मचारियों को विशेष प्राथमिकता दी है। अब ये कर्मचारी अपने गृह जिले में तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे, ताकि उन्हें उपचार और पारिवारिक सहयोग सुगमता से मिल सके।
वे कर्मचारी जिनकी सेवानिवृत्ति में बहुत कम समय (एक से दो वर्ष) शेष है, उन्हें नई नीति में विशेष छूट दी है। निगम उन्हें उनके पसंद के स्टेशन या गृह जिले के समीप तैनात करेगा, ताकि वे अपने करियर का अंतिम समय मानसिक शांति के साथ अपने परिवार के साथ गुजार सकें।
Updated on:
24 Feb 2026, 3:17 AM IST
Published on:
24 Feb 2026, 3:14 AM IST
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