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दहेज के लिए जमीन बिकने लगी तो क्षत्रिय समाज ने लिया ये फैसला

दहेज विरोधी क्षत्रिय संघ ने भीलवाड़ा में पहली बार समाज का दहेज मुक्त सगाई कार्यक्रम रखा। महाराणा कुम्भा ट्रस्ट परिसर में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में मेवाड़ क्षेत्र के कई लोग शामिल हुए।
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भीलवाड़ा

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Santosh Trivedi

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Updated: 20 Feb 2023, 11:29 AM IST

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पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/भीलवाड़ा। दहेज विरोधी क्षत्रिय संघ ने भीलवाड़ा में पहली बार समाज का दहेज मुक्त सगाई कार्यक्रम रखा। महाराणा कुम्भा ट्रस्ट परिसर में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में मेवाड़ क्षेत्र के कई लोग शामिल हुए। इसमें 400 युवाओं ने पंजीयन कराया। एक जोडे की सगाई कराई गई। कार्यकारिणी के सम्मान के साथ परिचय सम्मेलन भी हुआ। इस दौरान दहेज न लेने और न ही देने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में क्षत्रिय समाज की महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।

संगठन के संस्थापक महेन्द्रसिंह राठौड़ ने बताया कि इस अभियान से समाज मजबूत और समृद्ध होगा। दहेज मुक्त सगाई से समाज का पैसा बच रहा है। उसे शिक्षा व रोजगार में लगाया जाए। जो पैसा कुरीतियों में जा रहा है, उसे सही दिशा में मोड़ने के लिए ऐसे आयोजन करते हैं। हर जिले में ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं। कुम्भा ट्रस्ट अध्यक्ष मणिराजसिंह ने बताया कि दहेज विरोधी क्षत्रिय संघ का कार्यक्रम यहां होना गौरव की बात है।

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इसलिए पड़ी जरूरत
राठौड़ ने कहा कि सरकार ने दहेज विरोधी कानून बना रखे हैं, लेकिन बीते कुछ वर्षों के दौरान हालात ऐसे बिगड़ गए कि दहेज के लिए लोगों की जमीनें बिकने लगीं। अब पिता बेटियों की पढ़ाई पर लाखों रुपए खर्च कर देता है। उसके बाद मोटा दहेज देना मुश्किल हो रहा है। इस वजह से संगठन खड़ा करना पड़ा। हम देशभर में दहेज मुक्त अभियान चला रहे हैं। संगठन अब तक 368 शादियां बिना दहेज व 168 सगाई करा चुका है। हर आयोजन में करीब 300 से 400 बायोडेटा मिलते हैं।