
Seven months old innocent stained with hot dipping in bhilwara
भीलवाड़ा।
अंधविश्वास के चलते लोग मासूमों की जिंदगी से खेल रहे है। अंधविश्वासी परिजन उन्हें जानबूझकर मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। जिले में इस तरह की घटनाओं पर पुलिस प्रशासन लगाम लगाने में नाकाम साबित हुआ है। कुछ इसी तरह का मामला जिले के अगरपुरा गांव में सामने आया जब एक सात माह के मासूम को अंधविश्वासी परिजनों गर्म लाल सुई से दाग कर डाम लगा दिया। मासूम की हालत बिगड़ने पर तुरत फुरत में उसे महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। मासूम की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार अगरपुरा निवासी नारायण नायक के 7 माह के मासूम बेटे श्यामलाल को दो दिन पूर्व निमोनिया की शिकायत हुई। अंधविश्वासी परिजनों ने उसे गांव में ही गाडरी जाति की एक महिला के हवाले कर दिया। परिजनों का अंधविश्वास और रूढिवादी सोच ने मासूम को मौत के मुंह में धकेल दिया। मासूम श्यामलाल की मां देऊदेवी ने बताया कि जब घर पर बच्चे की हालात में सुधार नही आया तो उसके बेटे को भैरूलाल गाडरी की मां ने गर्म सुई से दाग कर डाम लगा दिया। जिससे मासूम की हालत बिगड़ गई।
परिजन उसे तुरत फुरत में भीलवाड़ा के महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय लेकर आए। जहां उसे शिशु गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया गया। चिकित्सकों के अनुसार मासूम की हालत गम्भीर बनी हुई है, ऐसे में उच्च चिकित्सा अधिकारियों से परामर्श के बाद मासूम को हाईसेंटर पर रैफर किया जा सकता है।
पूर्व में हो चुकी है मौत
जिले लगातार बढ़ रही मासमों पर डाम लगाने की घटनाएं बढ़ती जा रही है। जो आधुनिक तकनीक के युग में समाज पर दाग है। ऐसे समय में भी लोग अपने जिगर के टुकड़ों को जानबूझकर मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। जिले में पूर्व में डाम लगने से मासूम की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
Published on:
31 Jul 2018 02:41 pm
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