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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में ‘गुरुजी’ का टोटा: 26 हजार से ज्यादा पद खाली

विधानसभा में खुलासा: द्वितीय श्रेणी से लेकर कंप्यूटर अनुदेशक तक पद रिक्त प्रदेश के सरकारी स्कूलों में एक ओर फरवरी 2026 से बोर्ड परीक्षाओं का बिगुल बज चुका है। वहीं दूसरी ओर हजारों विद्यार्थियों का भविष्य ‘खाली कुर्सियों’ के भरोसे है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के ताजा आंकड़ों ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। […]

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There is a shortage of teachers in the state's government schools: more than 26,000 posts are vacant.

There is a shortage of teachers in the state's government schools: more than 26,000 posts are vacant.

विधानसभा में खुलासा: द्वितीय श्रेणी से लेकर कंप्यूटर अनुदेशक तक पद रिक्त

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में एक ओर फरवरी 2026 से बोर्ड परीक्षाओं का बिगुल बज चुका है। वहीं दूसरी ओर हजारों विद्यार्थियों का भविष्य 'खाली कुर्सियों' के भरोसे है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के ताजा आंकड़ों ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सामने आया है कि प्रदेश के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम और विवेकानंद मॉडल स्कूलों सहित राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के हजारों पद रिक्त पड़े हैं। सबसे चौंकाने वाली स्थिति ग्रेड-II (द्वितीय श्रेणी) शिक्षकों की है, जहां स्वीकृत पदों के मुकाबले रिक्तियों का ग्राफ काफी ऊंचा है। अकेले राजधानी जयपुर में ग्रेड-II के 959 पद खाली हैं, वहीं जोधपुर में 1143 और बाड़मेर में 1883 तथा भीलवाड़ा में 1643 पद रिक्त चल हैं।

डिजिटल शिक्षा कैसे बढ़े आगे

सरकार एक ओर से डिजिटल इंडिया और स्मार्ट क्लासेज की बात कर रही है, लेकिन धरातल पर कंप्यूटर अनुदेशकों की भारी कमी है। आंकड़ों के अनुसार, लगभग हर जिले में कंप्यूटर अनुदेशकों के पद रिक्त हैं। बीकानेर में 117 और जयपुर में 159 तथा भीलवाड़ा में 187 कंप्यूटर अनुदेशकों की कमी है। इससे तकनीकी शिक्षा प्रभावित हो रही है।

शिक्षकों के बिना बोर्ड परीक्षाएं

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 12 फरवरी से परीक्षाएं चल रही हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्य विषयों के शिक्षकों के पद खाली होने से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों का परिणाम बिगड़ सकता है। विभाग के अनुसार इन रिक्त पदों को भरने के लिए विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों की उपलब्धता के आधार पर प्राथमिकता से कदम उठाए जा रहे हैं।

भीलवाड़ा में 1643 'सेकंड ग्रेड' शिक्षकों के पद खाली

भीलवाड़ा जिले के सरकारी स्कूलों में भी शिक्षकों की कमी का बड़ा संकट खड़ा है। जिले के 695 स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि भीलवाड़ा में विशेष रूप से वरिष्ठ अध्यापकों की भारी कमी है। वरिष्ठ अध्यापक के जिले में 1643 पद रिक्त चल रहे हैं। यह जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए सबसे चिंताजनक आंकड़ा है क्योंकि यही शिक्षक माध्यमिक कक्षाओं की कमान संभालते हैं। तृतीय श्रेणी लेवल-2 के 279 व लेवल-1 के 204 पद अभी भी भरे जाने बाकी हैं। डिजिटल शिक्षा के दावे भी यहां फेल नजर आ रहे हैं। जिले में 187 कंप्यूटर अनुदेशकों की कुर्सियां खाली हैं। छोटे बच्चों की नींव संभालने वाले शिक्षकों के भी 34 में से 33 पद भरे हुए हैं, यहाँ केवल 1 पद रिक्त है।

  • रिक्तियों का प्रमुख जिलावार रिपोर्ट कार्ड
  • जिला स्कूल ग्रेड-II ग्रेड-III ग्रेड-III
  • जयपुर 1067 959 368 224
  • जोधपुर 769 1143 349 312
  • बाड़मेर 717 1883 568 404
  • अजमेर 544 990 267 276
  • बीकानेर 725 1425 298 289
  • उदयपुर 739 1635 391 493
  • जिला स्कूल ग्रेड-II ग्रेड-III अनुदेशक
  • भीलवाड़ा 695 1643 279 187
  • अजमेर 544 990 267 93
  • चित्तौड़गढ़ 481 1053 221 83
  • बूंदी 309 459 113 77