
Stuck compensation in bhilwara
नरेन्द्र वर्मा. भीलवाड़ा।
जयपुर, अजमेर, चित्तौडग़ढ़ व उदयपुर की राह अब और सहज व सुरक्षित होगी। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) किशनगढ़-चित्तौडग़ढ़ को फोरलेन से सिक्सलेन में तब्दील कर रहा है। इससे दोनों गंतव्य स्थलों की दूरी कम होगी, तो समय भी बचेगा। सड़क दुर्घटनाओं पर भी ब्रेक लगेगा। दूसरी ओर प्रदेश के विकास एवं सफर को सहज बनाने के लिए भीलवाड़ा व चित्तौडग़ढ़ जिले के सैकड़ों किसानों ने सरकार को सौंपी जमीन की कीमत अधर में है। दोनों जिलों की ७५ करोड़ की अवाप्त राशि सिक्सलेन का निर्माण शुरू होने के बावजूद जिला प्रशासन के बटुए में अटकी हुई है। एेसे में किसान जमीन हाथ से निकलने के बाद मुवावजे के लिए भटक रहे है।
७५ करोड़ अटके
सिक्सलेन के दायरे में आ रही किसानों की भूमि को प्राधिकरण ने दोनों ही जिलों के अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) जो कि सक्षम अधिकारी (भूमि अवाप्ति) है, के जरिए अवाप्त किया था, भूमि को अवाप्त किए हुए दो साल से अधिक समय बीतने आया है, लेकिन कई किसान एेसे भी है, जिनके अवार्ड जारी होने के बावजूद उन्हें जमीन की कीमत नहीं मिल सकी है। भीलवाड़ा जिले में ये बाकियात राशि ४५ करोड़ व चित्तौडग़ढ़ में ३० करोड़ रुपए है। यह राशि सक्षम अधिकारी के खाते में अटकी हुई है।
ये गांव, जिनकी भूमि हुई अवाप्त
भीलवाड़ा व चित्तौडग़ढ़ जिले में ३३ पंचायत के दर्जनों गांवों मेंं भूमि अवाप्त हुई है। इनमें भीलवाड़ा जिले में गुलाबपुरा के हुरड़ा, हुरड़ा, रूपाहेली, कंवलियास, भवानीपुरा व सरेरी, बनेड़ा के रायला, बेरां, दातानिलारी, रघुनाथपुरा व रायसिंहपुरा, माण्डल, नानकपुरा, संतोकपुरा, स्टेशननगर व गुढ़ा, भीलवाड़ा के भदालीखेड़ा, मालोला,पुर, आटूण तथा हमीरगढ़ के हमीरगढ़, बीलिया कलां, तख्तपुरा की भूमि शामिल है। इसी प्रकार चित्तौडग़ढ़ जिले में झोझरो का खेड़ा, गंगरार, भवानीपुरा, मेड़ीखेड़ा, आजोलिया का खेड़ा, नरपत खेड़ी व बोजुंदा शामिल है।
टोलनाके पर वसूल रहे अधिक राशि
तीन नवम्बर २०१७ की मध्य रात्रि बाद से जिले में कंवलियास एवं चित्तौडग़ढ़ जिले में रीठोला टोल प्लाजा बंद हो गया। कंवलियास टोल प्लाजा के बंद होने के साथ ही रायला के निकट लाम्बिया कलां टोल प्लाजा शुरू हो गया। इसी प्रकार चित्तौडग़ढ़ में रीठोला टोल प्लाजा बंद होने पर जोजरों का खेड़ा (गंगरार) टोल प्लाजा पर ही चालकों को टोल राशि चुकानी होगी। शिकायत है कि सिक्सलेन निर्माण कार्य के दौरान २५ फीसदी टोल राशि माफ होने का प्रावधान है, इसके बावजूद रायला में ये टोल राशि वसूल की जा रही है।
ये चल रहे हैं राजमार्ग पर निर्माण कार्य
किशनगढ़-चित्तौडग़ढ़ को फोरलेन से सिक्सलेन मार्ग में तबदील हो रहा है। इसके लिए अजमेर, भीलवाड़ा व चित्तौडग़ढ़ जिले में सिक्सलेन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। भीलवाड़ा जिले में तीन नवम्बर २०१७ की मध्य रात्रि से शुरू हुआ कार्य अब जोरो पर है। दोनों जिलों के मध्य १२४ किलोमीटर के मध्य सिक्सलेन करने के साथ ही ५ फ्लाइओवर, १७ ब्रिज, ८ बड़े अंडरपास, १९ हलके अंडरपास, २० मेजर जक्शन, ४८ माइनर जक्शन तथा २ ट्रक रेस्ट लेन का निर्माण कार्य हो रहा है। निर्माण कार्य को लेकर प्राधिकरण ने जिला प्रशासन के सहयोग से ६८ हैक्टयेर भूमि अवाप्त की है। यहां १४२ किलोमीटर के सर्विस रोड भी निर्माणाधीन है।
किसानों को मिलेगी पूरी कीमत
&सिक्सलेन का निर्माण कार्य तय सीमा हो, इसके लिए प्राधिकरण को पाबंद कर रखा है, निर्माण कार्य पूर्ण होने से जयपुर-उदयपुर मार्ग पर सफर और अधिक सहज एवं सुरक्षित हो जाएगा, जिन किसानों की भूमि अवाप्ति को लेकर मुआवजा राशि बकाया है, उन्हें नियमानुसार किसानों को देने की प्रक्रिया जल्द पूर्ण कर ली जाएगी।
शुचि त्यागी, जिला कलक्टर
होगी कार्रवाई
&भीलवाड़ा खंड में मुम्बई की अनुबंधित कम्पनी आइआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपर्स लिमिटेड निर्माण कार्य देख रही है। सिक्सलेन निर्माण २ मई २०२० तक पूरा करना है। पूर्व में अजमेर व भीलवाड़ा जिले में निर्माण कार्य भीलवाड़ा परियोजना निदेशक के अधीन था, लेकिन तीन माह पूर्व अजमेर जिले का निर्माण अजमेर परियोजना निदेशक के जिम्मे किया गया। टोल प्लाजा पर छूट से अधिक राशि वसूलने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।
सतेन्द्र कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ
नहीं मिला अवार्ड
&भूमि अवाप्ति को लेकर कई किसानों की अवार्ड राशि का भुगतान अभी नहीं हो सका है। दोनों जिलों के सक्षम अधिकारियों को इस संदर्भ में लिखा गया है। बकाया राशि को लेकर किसान परेशान है
जेएल मीणा, उप महाप्रबंधक, भीलवाड़ा खंड, एनएचएआइ
Published on:
19 Dec 2018 04:19 pm
