
The government of the villages looked angry in bhilwara
भीलवाड़ा।
General assembly of district council जिला परिषद की साधारण सभा में गुरुवार को बीते साढ़े चार साल के पेयजल, शिक्षा, सड़क, बिजली के मुद्दे छाए रहे। इन समस्या को लेकर शिकायतें दर्ज कराते रहे, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। जिला प्रमुख शक्तिसिंह हाड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में फरवरी की बैठक के मुद्दे ही छाए रहे। शाहपुरा प्रधान गोपाल गुर्जर व उप जिला प्रमुख रामचन्द्र सेन, घनश्याम कंवर कहते रहे कि साढ़े चार साल में कोई काम नहीं हुआ तो अब क्या काम हो जाएंगे। जनप्रतिनिधियों को यही मलाल है कि न स्कूलों व घरों के ऊपर से निकल रहे बिजली के तार हटे और न ही स्कूलों की दशा सुधर पाई है। हाड़ा ने कहा, अब अफसरों को आदत बदलनी चाहिए। जहाजपुर विधायक गोपीचन्द मीणा, मांडलगढ़ विधायक गोपाल खण्डेलवाल, जहाजपुर प्रधान शिवजीराम मीणा, त्रिलोकचन्द व लक्ष्मी साहू,ने कहा कि चम्बल परियोजना के कारण सड़कों दुर्दशा हो रही है। बरसात में हालात और बिगड़ गए है।
इधर, विधायक बोले-मेरे गांव में गड्ढा ठीक कराओ
General assembly of district council विधायक खण्डेलवाल ने कहा कि होड़ा पंचायत में छह माह से बड़ा खड्ढा खोद रखा है। यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाया पर जवाब नहीं मिला। इस पर चम्बल परियोजना के अधिकारी का कहना था कि एक सप्ताह में इसे बंद कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि होड़ा में खण्डेलवाल की पत्नी ही सरपंच है।
छाया डीएमएफटी का मुद्दा
बैठक में डीएमएफटी का मुद्दा छाया रहा तो मांडल विधायक रामलाल जाट ने कहा यह जिला प्रमुख के हाथ में है। जिला प्रमुख हाड़ा ने कहा कि आपकी सरकार में अध्यक्ष छोड़ सदस्य भी नहीं है। डीएमएफटी में स्वीकृत काम सरकार ने रोक रखा है। जाट ने कहा कि जल्द ही इसका निर्णय हो जाएगा। रूके काम भी होंगे।
कोटड़ी की पांच पंचायतों के खाते सीज
कोटड़ी की पांच पंचायतों के खाते परिषद की ओर से सीज करने का मुद्दा भी उठा। सांसद सुभाष बहेडिय़ा व जहाजपुर प्रधान शिवजीराम ने कहा, इससे जनता के काम अटके हैं। सीईओ गोपालराम बिरड़ा ने कहा कि यह मामला जनप्रतिनिधियों के स्तर का है। जांच जल्दी कर लेंगे। कोटड़ी सरपंच निलम्बित हो चुका है। बाकी जांचें जांच चल रही है।
इन पर भी चर्चा
पुर में जिन्दल के खनन से मकानों में दरारें व नुकसान मामले पर चर्चा हुई, लेकिन हाड़ा ने कहा, डीएमएफटी के बजाय खनन कंपनी से राहत मिलनी चाहिए। शाहपुरा विधायक कैलाश मेघवाल करीब ढाई घंटे मौजूद रहे लेकिन बिना बोले ही चले गए।
Published on:
30 Aug 2019 09:10 pm
