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टेक्सटाइल उद्योग में इन्ट्रास्टेट ई-वे बिल की अनिवार्यता हो सकती है समाप्त,  केंद्रीय वित्त मंत्री  और मुख्यमंत्री  ने उद्यमियों को द‍िए ये संकेत

टेक्सटाइल उद्योग के लिए जॉब पर माल भेजने के लिए इन्ट्रास्टेट ई-वे बिल की अनिवार्यता शीघ्र ही समाप्त की जाने की संभावना
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The Intrustate E-Way Bill's possibility of expiry

The Intrustate E-Way Bill's possibility of expiry

भीलवाड़ा।

टेक्सटाइल उद्योग के लिए जॉब पर माल भेजने के लिए इन्ट्रास्टेट ई-वे बिल की अनिवार्यता शीघ्र ही समाप्त की जाने की संभावना है। जीएसटी पर जयपुर में सीआईआई की ओर से आयोजित कार्यशाला में राउण्ड टेबल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उद्यमियों को ये संकेत दिए। मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की तरफ से महासचिव आर के जैन ने कार्यशाला में भाग लिया।

जैन ने बताया कि टेक्सटाइल उद्योग के लिए जॉब पर माल भेजने आदि के लिए इन्ट्रास्टेट ई-वे बिल के संदर्भ में उन्होंने उद्यमियों का पक्ष रखा। इस पर राज्य के राजस्व सचिव प्रवीण गुप्ता एवं वाणिज्यकर आयुक्त आलोक गुप्ता ने सरकार की भावना से अवगत कराया और स्पष्ट किया कि ई-वे बिल की अनिवार्यता को लेकर अहम निर्णय जल्द लिया जाएगा।

लघु उद्योग भारती ने भी रखी मांग
लघु उद्योग भारती संगठन का प्रतिनिधि मंडल भी कार्यशाला में शामिल हुआ और बाद में केन्द्रीय मंत्री गोयल को ज्ञापन दिया। जिसमें कम्पोजिट बिक्री ढाई करोड तक करने, कम्पोजिट इंडस्ट्री को इंटरस्टेट सेल करने की मंजूरी तथा जॉब कराने वाले व्यापारियों को ईवे बिल से राहत दिए जाने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल में शिवप्रकाश झंवर व सुमित जागेटिया शामिल थे।


वविंग उद्योग पर संकट
जैन ने अपने प्रस्तुतिकरण में बताया कि इन्ट्रास्टेट ई वे बिल की समस्या तो है ही। इसके अलावा विविंग सेक्टर को इनपुट टेक्स क्रेडिट का रिफ ण्ड नहीं मिलने से यह उद्योग भी संकटग्रस्त है। चैम्बर महासचिव ने इसके साथ ही आईटीसी-04, ईपीसीजी स्कीम को आगे बढाने, जीएसटी रिफ ण्ड में देरी पर ब्याज सहित भुगतान करने तथा अन्य तकनीकी समस्याओं को भी रखा।

सीएम व केन्द्रीय मंत्री ने सुनी समस्या
चैम्बर महासचिव आर के जैन ने बताया कि कार्यशाला में केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से व्यक्तिगत रूप से आपसी चर्चा के लिए राउण्ड टेबल व्यवस्था की गई, जिस पर मंत्रियों के साथ राज्य के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। राजस्थान चेम्बर एवं सीआईआई के बाद मेवाड चैम्बर ऑफ कॉमर्स को तीसरे नम्बर पर टेक्सटाइल क्षेत्र की बात रखने के लिए बुलाया गया। जैन ने बताया कि केंद्रीय मंत्री गोयल एवं मुख्यमंत्री राजे ने उनके प्रस्तुतिकरण को ध्यान से सुना एवं इन्ट्रास्टेट ई-वे बिल सहित अन्य समस्याओं के अतिशीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।

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