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क्रशर-चुनाई पत्थर उद्योग की हड़ताल तेज, बनी अगली रणनीति

सरकार से वार्ता के मुद्दों पर मंथन, उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना तय

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The strike of crusher-chosen stone industry intensified, next strategy made

The strike of crusher-chosen stone industry intensified, next strategy made

राजस्थान स्टोन क्रशर एवं चुनाई पत्थर एसोसिएशन की राज्य व्यापी हड़ताल अब और तेज होगी। रविवार को जयपुर में प्रदेश की सभी जिला इकाइयों की बैठक हुई, जिसमें आगामी कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। निर्णय हुआ कि जयपुर और सभी जिला मुख्यालयों पर धरना–प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में एसोसिएशन की तकनीकी समिति ने सरकार से वार्ता के दौरान उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर मंथन किया। भीलवाड़ा से राज्य स्तरीय तकनीकी समिति के सदस्य अनिल कुमार सोनी ने बैठक में हिस्सा लिया।

भीलवाड़ा में भी सख्त रुख

भीलवाड़ा में स्थानीय संगठन की बैठक में जिले के सभी चुनाई पत्थर लीज धारक, क्रशर मालिक और आरएमसी प्लांट संचालक शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय हुआ कि जब तक सरकार मांगें नहीं मानती, हड़ताल जारी रहेगी। संगठन के संरक्षक इकबाल खान पठान ने बताया कि यदि कोई सदस्य हड़ताल का उल्लंघन करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।

निर्माण कार्य ठप, जनता परेशान

हड़ताल के कारण पूरे जिले में चुनाई पत्थर और गिट्टी की सप्लाई पूरी तरह बंद हो चुकी है। इससे सभी छोटे-बड़े निर्माण कार्य लगभग ठप हो गए हैं। सरकार ने हड़ताल को लेकर कमेटी तो गठित कर दी है, लेकिन अब तक संगठन और सरकार के बीच औपचारिक वार्ता शुरू नहीं हुई है। इस वजह से निर्माण कार्य रुके होने का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

प्रमुख मांगें

  • - वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट प्लान एवं ग्रीन बेल्ट डवलपमेंट के नाम पर लगाए गए अतिरिक्त वित्तीय भार को वापस लिया जाए।
  • - रॉयल्टी और टीपी से जुड़ी नीतियों में राहत।
  • - उद्योग के लिए दीर्घकालिक स्थिर नीति।