
Why did women do dance in front of God? in bhilwara
भीलवाड़ा।
बैंड की मधुर सुरलहरियों के साथ स्वर्ण कलश से आदिनाथ भगवान के प्रथम अभिषेक के साथ ही आरके कॉलोनी आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर जयकारों से गंूज उठा। श्राविकाएं इन्द्रानियों के रूप में चंवर ढुलाते हुए नृत्य करने लगी। अवसर था शुक्रवार को आदिनाथ भगवान के जन्म एवं तप कल्याणक के तीन दिवसीय कार्यक्रम में महामस्तकाभिषेक का।
आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष नरेश गोधा ने बताया कि सौधर्म इन्द्र बने अशोक व प्रतीक गंगवाल ने 108 रिद्धी मंत्रों से अभिषेक एवं स्वर्ण झारी से शांतिधारा की। मंत्रवाचन सुरेन्द्र गोधा एवं महेन्द्र सेठी ने किया। सुनील व विपिन सेठी, सुशील लुहाडिय़ा, चैनसुख शाह, सुमन अजमेरा, शांतिलाल गदिया, आनन्द जैन, कमल पाटोदी एवं अनील गंगवाल ने अन्य प्रतिमाओं पर शांतिधारा की।
सचिव अजय बाकलीवाल ने बताया कि स्वर्ण कलश के दान की घोषणा पर शांता व सुशीला ***** सम्मान किया गया। पाठशाला के बच्चों ने भजन प्रस्तुत किया। अभिषेक के बाद आदिनाथ महामण्डल विधान पूजन में शकुन्तला गंगवाल ने मुख्य कलश, सुमन सेठी, पूजा लुहाडिय़ा, ममता शाह, शीतल अजमेरा, छाऊदेवी गदिया, रेखा जैन, अंजु पाटोदी एवं शशि गंगवाल ने मण्डल पर कलश विराजमान किए। अनुज शास्त्री के निर्देशन में वीणा मंगल, पुनम कोठारी की स्वर लहरियों के साथ श्रावकों ने मण्डल पर 136 श्रीफल चढ़ाकर पूजा की। शाम को भक्तामर आरती में सुरेश अजमेरा, मोनिका गंगवाल, अंकिता, अंकुर टोग्या ने 48 दीपक से आरती की। महिला महासमिति ने आदिनाथ भगवान की स्तुति में विनतियों का आयोजन किया।
Updated on:
30 Mar 2019 01:51 am
Published on:
29 Mar 2019 07:32 pm
