
Why did women drink water only with their husbands? in bhilwara
भीलवाड़ा।
शहर व जिले में करवाचौथ का पर्व महिलाओं ने शनिवार को धूमधाम से मनाया। इस दौरान माता रानी से अपने सुहाग की दीर्घायु की कामना की गई। रात्रि में चांद को देखने के बाद ही अन्न जल ग्रहण किया। महिलाओं ने अपने पति का चेहरा छलनी से देखने के बाद ही उनके हाथ से पानी पीया। शहर में शनिवार को महिलाओं ने अपने सुहाग के लिए करवा चौथ का पर्व उपवास रखकर मनाया। इस दौरान घर-घर में चौथ माता की पूजा-अर्चना हुई।
रात्रि को चांद दिखने के उपरांत ही महिलाओं ने अपने पतियों के हाथों से करवा में पानी पीने के बाद ही अन्न ग्रहण किया। पूजा के दौरान सुहागिन महिलाएं अपने परंपरागत पोशाकों में सजधज कर पूजा-अर्चना की। पूरे दिन माता रानी के मंदिर में पूजा का दौर चलता रहा। शहर के कई हिस्सों में तो महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा अर्चना की। पूरे दिन अपनी सुहाग की लंबी आयु की कामना को लेकर अन्न जल का त्याग कर उपवास रखे। महिलाओं में यह करवा चौथ का दिन अपने आप में एक बहुत बड़ा दिन माना जाता है। शनिवार को सुबह से ही इस पर्व को मनाने के लिए सुहागिन महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया।
पुर। उपनगर पुर में महिलाओं ने करवा चौथ पर निराहार व्रत रखकर पति के दीर्घायु की कामना की। सुबह से ही महिलाएं सज धज कर चौथमाता मंदिर पहुंची एवं माताजी की कथाएं सुनी तथा माताजी का पूजन किया। रात्रि को चांद देखकर महिलाओं ने व्रत खोले एवं पति के दीर्घायु होने की कामना की।
Published on:
27 Oct 2018 10:17 pm
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