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शून्य की ओर पारा, रात को सितम ढा रहा जाड़ा, जनजीवन प्रभावित

मंगलवार को सीजन की सबसे सर्द रात रही। पारा एक डिग्री सेल्सियस से भी नीचे जा पहुंचा।

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मंगलवार को सीजन की सबसे सर्द रात रही। पारा एक डिग्री सेल्सियस से भी नीचे जा पहुंचा।

भीलवाड़ा।

जिले में जाड़े का जोर जारी है। मंगलवार को सीजन की सबसे सर्द रात रही। पारा एक डिग्री सेल्सियस से भी नीचे जा पहुंचा। बुधवार तड़के न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जो एक ही दिन में 1.1 डिग्री की गिरावट थी। सोमवार रात पारा २ डिग्री था। कड़ाके की सर्दी से जिले भर में आम जनजीवन प्रभावित हुआ। सर्दी से सर्दी-जुकाम के रोगियों की संख्या बढ़ी है। बच्चे और बुजुर्ग इससे खास प्रभावित हो रहे है। महात्मा गांधी अस्पताल का आउटडोर करीब डेढ़ हजार तक पहुंच गया है।

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मंगलवार रात जहां सर्दी ने धूजनी छुड़ाए रखी। देर शाम से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं बुधवार को भी सूरज तेजी नहीं दिखा पाया। लोग दिन भर गर्म कपड़ों में रहने को मजबूर रहे। लोग दिनभर गुनगुनी धूप का आनंद लेते रहे। रात को खुले में सोने वाले बसहारों के लिए बर्फीली रात भारी पड़ रही है।
घने कोहरे व सर्दी ने टे्रनों की रफ्तार रोक दी। भीलवाड़ा में रात में चलने वाली ट्रेन दो से 15 घण्टे देरी से स्टेशन पहुंची है। खजुराहो से उदयपुर चलने वाली टे्रन तीन घण्टे देरी से सुबह 6.24 बजे, दिल्ली से उदयपुर चलने वाली चेतक एक्सप्रेस 1.50 घण्टे देरी से सुबह 6.04, जलपाईगुड़ी 15 घण्टे और हरिद्वार-उदयपुर पौने पांच घण्टे देरी से आई।

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दिन-रात के पारे में बड़ा अंतर
दिन व रात के तापमान में बड़ा अंतर आया। शहर में बुधवार को अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले रात का तापमान 0.9 डिग्री पहुंच गया। इस अंतर से मौसमी बीमारियों ने लोगों को घेर लिया। दिन में तेज धूप से राहत तो रात में कड़ाके की सर्दी से सर्दी-जुकाम के रोगियों की संख्या बढ़ी है। बच्चे और बुजुर्ग इससे खास प्रभावित हो रहे है। महात्मा गांधी अस्पताल का आउटडोर करीब डेढ़ हजार तक पहुंच गया है। चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीजों की लम्बी कतार देखी गई।