
Workers have food crisis in bhilwara
भीलवाड़ा
निकटवर्ती ग्रोथ सेंटर के पास स्थित स्वरूपगंज में सैकड़ों श्रमिकों के परिवारों का राशन खत्म हो चुका है। इन परिवारों की शिकायत है कि उके पास न आटा बचा और न तेल। फैक्ट्रियां पहले ही बंद है और मालिकों ने भुगतान भी नहीं किया। घरों से निकलने पर पुलिस डंडे मारती है और सरकारी मदद मिले करीब एक सप्ताह हो गया। इन परिवारों के छोटे बच्चों को और दिक्कत आ रही है। उन्हें दूध तो दूर, रोटी तक नहीं मिल रही।
समाजसेवी गोपाललाल तेली ने बताया कि ग्रोथ सेंटर व आसपास की फैक्ट्रियों में तीन से चार हजार बिहारी मजदूर काम करते हैं। इनमें अधिकांश अपने गांव लौट गए लेकिन जो बच गए, उनके सामने राशन का संकट आ गया। इन परिवारों की महिलाओं ने खाली बरतन लेकर मकानों के बाहर आकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने बताया कि यहां कोई अधिकारी व जनप्रतिनिधि खाद्य सामग्री लेकर नहीं आया। घर में जो कुछ था, वह खत्म हो गया। बच्चों को अब क्या खिलाए। एक महिला ने बताया कि ५-७ दिन पहले एक गाड़ी आई थी। वे चार-पांच बैग आटे के देकर गए। उसके बाद से कोई नहीं आए। दुकानें भी नहीं खुल रही कि उधार ले सके। फैक्ट्री मालिक ने मजदूरी तक नहीं दी।
इन लोगों ने जिला कलक्टर से मांग की कि यहां मजदूरों को खाद्य सामग्री के साथ फैक्ट्री मालिकों से राशि दिलाएं ताकि परिवार का पेट पाल सके। वहीं फैक्ट्री मालिकों ने कहा कि उनके यहां काम करने वाले मजदूरों को खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। अन्य लोग केवल नि:शुल्क सामग्री के लिए ऐसा कर सकते हैं। हमीरगढ़ तहसीलदार मजदूरों की व्यवस्था देख रहे हैं।
56 परिवारों को सामग्री पहुंचाई
स्वरूपगंज से श्रीनिवास पांडे ने शिकायत दी कि कुछ मजदूर परिवारों को खाद्यान्न की समस्या आ रही है। हमीरगढ़ उपखंड अधिकारी ने नायब तहसीलदार एवं पटवारी को मौके पर भेजा। शिकायतकर्ता ने बताया कि 56 परिवारों के सदस्यों के पास खाने.पीने की सामग्री का अभाव है। शिकायत सही पाए जाने पर सुवाणा विकास अधिकारी के माध्यम से सभी को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई।
Published on:
10 Apr 2020 07:40 am
