मोक्षधाम में सुलगती रही चित्ताए, पीपीई किट में बिलखे परिजन

शहर में स्थित मोक्षधामों में सन्नाटे के बीच सुलगती चिताएं अब सांझ ढ़लने के बाद भी सुलगती नजर आ रही है। बिलखते परिजन अपनों के खोने का गम सहने के साथ ही अंतिम दर्शन के लिए भी तरस गए है। पंचमुुखी मोक्ष धाम का नजारा तो कही दिल को तकलीफ देने वाला है।

By: Narendra Kumar Verma

Updated: 23 Apr 2021, 11:12 AM IST


भीलवाड़ा । शहर में स्थित मोक्षधामों में सन्नाटे के बीच सुलगती चिताएं अब सांझ ढ़लने के बाद भी सुलगती नजर आ रही है। बिलखते परिजन अपनों के खोने का गम सहने के साथ ही अंतिम दर्शन के लिए भी तरस गए है। अंतिम संस्कार में परिजन भी पीपीई किट में शामिल हुए।

पंचमुखी में 11 चिंता जली

शहर में कोरोना से मौत का आंकड़ा स्पष्ट नहीं है। सरकारी आंकड़े तो गिनती मात्र के ही है, लेकिन शहर के मोक्षधाम में सुलगती चिताए बताती है कि पांच दिन में शहर में पचास से अधिक मौत हो चुकी है। यहां पंचमुखी मोक्षधाम में बुधवार को पांच व गुरुवार को ग्यारह जनों का कोरोना प्रोटोकाल में अंतिम संस्कार हुआ। इसी प्रकार गुरुवार को गांधीनगर व शास्त्रीनगर पर एक-एक अंतिम संस्कार हुआ।

पीपीईकिट में सेवादार
पंचमुखी मोक्षधाम में अंतिम क्रिया में चार सेवक लगे हुए है। यह चारों पीपीई किट में मोक्ष रथ या एम्बुलेंंस से उतारने से लेकर चिता पर रखने और अंतिम संस्कार की क्रिया पूरी कर रहे है। पंचमुखी मोक्षधाम में यह व्यवस्था विकास समिति के पदाधिकारी रामगोपाल अग्रवाल व बाबू लाल जाजू, गांधी नगर में लक्ष्मीनारायण चांडक व प्रकाश सुराणा तथा शास्त्रीनगर में एलएन डाड व दिलीप गोयल संभाले हुए है। शहर में सुभाषनगर टंकी के बालाजी, आजादनगर, जवाहर नगर, बापूनगर स्थित मोक्षधामों पर भी कोरोना से मौत के बाद कईयों के अंतिम संस्कार हुए है।

Narendra Kumar Verma Reporting
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