
बारिश में भीगी फसल तो व्यापारियों लेने किया मना, किसानों ने किया हंगामा
भिण्ड. बारिश में रविवार को फसल भींग जाने पर व्यापारियो ने सरसों की फसल खरीदने से इंकार किया तो मंडी प्रशासन के विरोध में किसानों ने हंगाम करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विधायक के हस्तक्षेप करने पर व्यापारी बमुश्किल खरीद करने को तैयार हुए।
रविवार को भी आधा सैकड़ा से अधिक किसान सरसों तथा गेहूं की फसल लेकर कृषि उपज मंडी पहुंचे थे। किसान 2.30 बजे तक बोली लगने का इंतजार करते रहे। लेकिन एक भी व्यापारी नहीं पहुंचा। इसके बाद बरसात में दो दर्जन से अधिक किसानों की फसल भींग गई तो व्यापारियों ने गीली फसल खरीदने से इंकार कर दिया। करीब 15 मिनट तक दोनों पक्षों में मुंहवाद होता रहा इसके बाद किसानों ने सरकार ओर मंडी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर व्यापारी भी भडक़ गए और उन्होंंन भींगी हुई फसल खरीदने से साफ तौर पर इंकार कर दिया। किसानों की सूचना पर विधायक संजीवसिंह संजू भी मंडी पहुंच गए। उन्होंने तत्काल मंडी सचिव को तलब किया और व्यापारियों को भी संदेश भेजकर बुलाया। दोनों पक्षों से चर्चा करने के बाद व्यापारी भी फसल खरीदने के लिए राजी हो गए। तौल के दौरान मौसम में नमी बढ़ जाने से इलेक्ट्रोनिक कांटे भी जाम हो गए। बिना बजन रखे ही कई कांटों के डिस्पले पर वजन प्रदर्शित होने लगा। किसानों की आपत्ति के बाद दूसरे कांटो से तौल कराई गई।
पहले थमा दी क"ाी रसीद, तौलने को कहा तो किसान से मारपीट
रैपुरा से सरसों की फसल बेचने के लिए आए किसान सोवरनसिंह को एक व्यापारी रायसिह ने क"ाी रसीद थमा दी। बरसात के बाद किसान ने फसल तौलने के लिए कहा तो व्यापारी ने तौल कराने से इंकार कर दिया। विवाद ’यादा बढ़ा तो व्यापारी ने अपने साथियों के साथ किसान की मारपीट कर दी। किसान के सीने में हल्की चोटें भी आई हैं। किसान ने उक्त व्यापारी की विधायक से भी शिकायत की है।
-भींगी फसल खरीदने को लेकर किसानो और व्यापारियो में मुंहवाद हुआ था। विधायक के आने के बाद मामला शांत हो गया। सभी किसानों की तौल कराई गई है। किसी किसान के साथ मारपीट की जानकारी हमारे पास नहीं है न ही हमारे सामने इस प्रकार की कोई घटना हुई है।
आरएस यादव सचिव कृषि उपज मंडी भिण्ड
-भिण्ड की मंडी में जानबूझकर बोली देर से शुरू की जाती हैं ताकि किसान परेशान हो और किसी भी भाव पर फसल बेचकर जाए। रजिस्टर्ड व्यापारियों में कई तो ऐसे भी हैं जो सीधे गोदाम पर भी फसल खरीद रहे हैं।
राकेश कुमार राठौर किसान बीसलपुरा
-रविवार किसान सुबह ही अपनी फसल लेकर आए थे। दोपहर में बारिश हुई तो व्यापारियों ने तौल कराने से इंकार कर दिया। किसानों का कहना था कि सूखी फसल की तौल करा लो। भींगी का एवरेज निकाल लेना है।
जयवीरसिंह यादव किसान ऊमरी
-मंडी में डेढ़ सौ से अधिक व्यापारी रजिस्टर्ड है पर डेढ़ दर्जन ही कारोबार कर रहे है। किसान संगठित नहीं है और व्यापारी संगठित हो जाते है। किसान को परेशान करने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई नहीं होती।
सुनील तिवारी किसान ऊमरी
Published on:
17 Jun 2019 09:03 am
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