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देवरानी-जेठानी की ‘लड़ाई’ में बहू रानी की एंट्री से आया उफान, जानिए क्या है मामला

रिश्ते नहीं रखते राजनीति में मायने..सरपंच पद के चुनाव के लिए एक ही परिवार की तीन महिलाएं मैदान में..

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भिंड. मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई है और इसी बीच कई जगहों पर 'गांव की सरकार' के लिए दिलचस्प मुकाबले भी सामने आ रहे हैं। ऐसा ही मामला भिंड जिले के गोरमी की कल्याणपुरा पंचायत में सामने आया है। जहां एक ही परिवार की तीन महिलाएं सरपंच पद के लिए चुनावी मैदान में उतर गई हैं। तीनों रिश्ते में देवरानी-जेठानी और बहुरानी हैं जो अब गांव के विकास के वादे कर वोटर्स से वोट मांगने गांव के हर घर में दस्तक दे रही हैं।

देवरानी-जेठानी और बहूरानी, कौन मारेगा बाजी ?
भिंड के कल्याणपुरा गांव में पंचायत चुनाव 2022 में गांव की सत्ता की चाहत में एक ही परिवार की तीन महिलाएं चुनावी मैदान में उतर आई हैं। मुकाबला जेठानी कमला देवी, देवरानी शीला देवी और बहूरानी रचना नरवरिया के बीच है। एक ही परिवार की तीनों महिलाओं के चुनावी मैदान में होने के पीछे की वजह की अगर बात करें तो बताया गया है कि कल्याणपुरा गांव में लंबे समय से एक ही परिवार के साथ गांव की सत्ता की चाबी रही है। वर्तमान में गांव के सरपंच राधेश्याम सिंह नरवरिया हैं उनसे पहले उनके बड़े भाई विक्रम सिंह सरपंच थे। दोनों सगे भाईयों का गांव में अच्छा दबदबा है और वोटर्स के बीच अच्छी पकड़ भी है लेकिन दोनों के बीच बीते दिनों राजनीतिक विरोध हो गया जिसके बाद विक्रम सिंह ने अपनी पत्नी कमला देवी तो छोटे भाई राधेश्याम सिंह ने अपनी पत्नी शीला देवी को चुनावी मैदान में सरपंच पद के लिए उतार दिया।

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बहूरानी की ऐसे हुई एंट्री ?
देवरानी और जेठानी के बीच चुनावी मुकाबले की सरगर्मियों के बीच चचेरे भाई रविंद्र सिंह नरवरिया ने भी अपनी बहू रचना नरवरिया का नामांकन सरपंच पद के लिए भरवा दिया। इससे पहले रविंद्र सिंह हर बार अपने बड़े भाइयों के चुनाव लड़ने पर उनके लिए काम करते थे। अब जब देवरानी-जेठानी और बहूरानी तीनों ही चुनावी मैदान में उतर चुकी हैं और घर-घर जाकर विकास के वादे के साथ वोट मांग रही हैं तो गांव के लोग भी इस असमंजस में हैं किसे वोट दें और किसे नहीं। खैर बिगुल बज चुका है और ये तो वक्त के साथ ही पता चलेगा कि गांव की सत्ता की चाबी किसे मिलती है।

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